संदीप तिवारी, ब्यूरो चीफ, पन्ना (मप्र), NIT:

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमानगंज में इलाज में लापरवाही बरतने के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई है। परिजनों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही करने की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार 2 दिन पहले अमानगंज निवासी दीपेंद्र विश्वकर्मा की पत्नी दीपा विश्वकर्मा को प्रसव के दौरान इलाज के लिए अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था जहां पर प्रसव के लिए स्टाफ नर्स मीना ओमरे द्वारा प्रसव के पश्चात रुपयों की मांग की गई थी जिस पर परिजनों ने आरोप लगाया था की दीपा का प्रसव तो ठीक से हो गया था लेकिन प्रसव के पश्चात दीपा को सही इलाज ना मिलने के कारण अत्याधिक ब्लीडिंग हो जाने से दीपा की मौत हो गई।
परिजनों ने सीएमएचओ एलके तिवारी पन्ना से नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिसपर सीएमएचओ द्वारा उक्त नर्स पर मामले की जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दीपा के परिजनों को दिया था लेकिन अभी दो दिन भी नहीं हुए की प्रसूति की मौत का दूसरा मामला सामने आ गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अमानगंज की भरे शाही के आलम के चलते यहां गुरुवार को फिर एक प्रसूति महिला काल के गाल में समा गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर अमानगंज के समीपी ग्राम मुकेहा से प्रसूति महिला ममता को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य लाया गया था जहां उसे भर्ती तो किया गया लेकिन इलाज के आभाव में ममता की मौत हो गई मृतक ममता के परिजनों का कहना है ममता का इलाज करने से पहले स्टाफ नर्स मीना ओमरे द्वारा हम परिजनों से पैसों की मांग की गई, जब हम ने पैसे देने से मना कर दिया तो ममता बाई पति छोटेलाल से नर्स द्वारा अभद्रता भी की गई और छोटेलाल को खींच कर नर्स ने एक तमाचा भी मार दिया जिसके चलते ममता का इलाज भी नर्स द्वारा नहीं किया गया। इलाज के अभाव में ममता तड़पती रही और कुछ समय बाद उसने दम तोड़ दिया जिससे प्रसूति महिला के परिवार मैं आक्रोश जाग उठा और अस्पताल प्रबंधन के साथ बहस बाजी होने लगी। इस बहस बाजी को देखकर लोग एकत्रित हो गए और भीड़ बढ़ती चली गई साथ ही साथ गुस्साए परिजनों के साथ कुछ जनसमुदाय एकत्रित हो गया और चक्का जाम की स्थिति निर्मित हो गई ओर आधे घंटे तक चक्का जाम रहा। लोगों में जन आक्रोश बढ़ गया, जनाक्रोशित लोगों की मांग थी ऐसी लालची नर्स पर सीघ्र प्रशासनिक कार्यवाही हो अन्यथा हम उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे हालांकि थाना अमानगंज प्रभारी सुनीता जाटव ने आक्रोशित लोगों समझाइश देकर चक्का जाम को हटवा कर आवागमन चालू करवाया। इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से बीएमओ अमित मिश्रा का कहना है की ड्यूटी के दौरान नर्स मीना ओमरे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है हालांकि सवाल अभी यही बनता है की आखिरकार कब और कैसे सुधरेगा आस्पताल प्रबंधन की भरे शाही का आलम।
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