भोपाल। राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में घोटाला हुआ है। इसमें आर्थिक मामला बनता है या नहीं यह तो जांच ऐजेंसी ही तय करेगी परंतु आप इसे 'राज्य स्तरीय हॉकी खेल घोटाला' कह सकते हैं। विभाग ने 70 मिनट के हॉकी मैच मात्र 20 मिनट में पूरे करवा दिए। मात्र 1 दिन में एक मैदान में 16 हॉकी मैच हो गए। इसे खानापूर्ति तो नहीं कहा जा सकता। निश्चित रूप से इसके पीछे कुछ और भी है। इसकी जांच होनी चाहिए।
1 दिन, 1 मैदान, हॉकी के 16 मैच कराए
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शालेय खेलों के आयोजन के तहत बुधवार दिनांक 04 सितम्बर 2019 को राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हॉकी का खेल 70 मिनट का होता है परंतु अधिकारियों ने इसे 20 मिनट का कर दिया, यानी की 10-10 मिनट के दो हॉफ। इतना ही नहीं आयोजकों ने स्पर्धा के पहले ही दिन एक ही मैदान पर प्रतियोगिता के 16 मैच भी करा डाले।
हर टीम को औसतन दो या तीन मैच खेलने पड़े
ऐसे में खिलाड़ियों का पूरा दिन मैदान में ही गुजरा और तो और रात 11 बजे तक मैच चलते रहे। हर टीम को औसतन दो या तीन मैच खेलने पड़े। इसमें बालिकाओं की 10 और बालकों की 11 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वैसे हॉकी ही नहीं क्रिकेट में भी स्कूल शिक्षा विभाग का ऐसा ही रिकॉर्ड है। क्रिकेट मैच 10-10 ओवर के करा दिए जाते हैं।
क्या कहते हैं नियम
एफआईएच के नियमों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हर मैच 60 मिनट का खेला जाता है। इसमें 15-15 मिनट के चार क्वार्टर हाेते हैं। घरेलू टूर्नामेंट्स में भी यही नियम हाेते हैं। जबकि जूनियर लेवल के टूर्नामेंट के सभी मुकाबले पुराने नियम अनुसार 70 मिनट के ही कराए जाते हैं। इसमें 35-35 मिनट के दो हॉफ रहते हैं। बता दें कि पहले सभी मुकाबले 70 मिनट के खेले जाते थे लेकिन बाद में एफआईएच ने नियमों में बदलाव किया।
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