भोपाल। भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी अब खेलों में निचले स्तर तक घुस गई है। अंडर 14 शालेय क्रिकेट टूर्नामेंट में मैनेजर तारिक अली बच्चों को प्लेइंग इलेवन में रखने 5-5 हजार रुपए मांग रहा है। इसके अलावा बेटिंग आर्डर और दूसरी चीजों के लिए भी अलग से रिश्वत मांगी जा रही है।
भोपाल ने विदिशा को हराया
भोपाल के रेलवे ग्राउंड पर दो दिन से अंडर-14 संभागीय क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है। इस टूर्नामेंट में रविवार को भोपाल ने विदिशा को 29 रनों से हराकर खिताब जीता। पेट्रोल से आग लगाकर सुखाए गए विकेट पर भोपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 99 रन बनाए। जवाब में विदिशा टीम 65 रनों पर आउट हो गई। इस टीम के मैनेजर तारिक अली और कोच हितेश चौरे हैं।
अनवर उस्मानी ने मैरेजन तारिक अली पर आरोप लगाया
पैरेंट्स अनवर उस्मानी ने आरोप लगाया कि तारिक अली प्लेइंग इलेवन में रखने और बेटिंग आर्डर में ऊपर खिलाने के लिए पैरेंट्स से 5-5 हजार रुपए मांग रहे हैं। जिन पैरेंट्स ने पैसे दे दिए उनके बच्चों को प्लेइंग इलेवन में रखा और पुछल्ले बल्लेबाजों से ओपन भी करा दिया है। उन्होंने यह भी सबाल उठाया कि जब तारीक अली कहीं पीटीआई नहीं है तो वह मैनेजर कैसे नियुक्त कर दिए गए।
मैनेजर तारिक अली का स्पष्टीकरण
मैंने किसी भी पैरेंट्स से कोई पैसे नहीं लिए। ऐसे आरोप वो लोग लगा रहे हैं जो अपने बेटे को ओपन कराने का मुझ पर दबाव बना रहे थे। अगर मैं पैसे लेकर खिलाता तो टीम चैंपियन नहीं बनती।
डीएस ध्रुर्वे, डीएसओ बोले
मुझे कोई जानकारी नहीं है मामले को दिखवाता हूं। मैं कल ही संकुल से तारिक के पीटीआई होने की जानकारी ले लूंगा।
टीम : निखिल, यासिन, सौरभ, प्रथू, शाश्वत, फाइज उस्मानी, साद, प्रियांशु, युवराज, नक्षत्र, पुष्पांक, रित्विक, अनुज, प्रतीक और ऋषि। कोच: हितेश, मैनेजर: तारिक।
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