इंदौर। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया के निर्वाचन को कांग्रेस की ओर से चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद सोमवार को कोर्ट ने नोटिस जारी किया। अदालत ने दोनों से जवाब मांगा है।
लालवानी के मामले में सितंबर के तीसरे सप्ताह में सुनवाई होगी। सांसद फिरोजिया के मामले की सुनवाई अक्टूबर के पहले हफ्ते में होगी। इंदौर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पंकज संघवी ने यह याचिका दायर की है। संघवी की तरफ से उपमहाधिवक्ता अभिनव धनोतकर पैरवी कर रहे हैं. लालवानी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली यह याचिका पर सोमवार को जस्टिस वंदना कसरेकर के समक्ष सुनवाई हुई। कोर्ट ने लालवानी को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। सोमवार को ही उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में भी कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
मतगणना में अनियमितता के हैं आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतगणना में अनियमितता हुई थी। इस आरोप पर कोर्ट ने उनसे पूछा है कि इस संबंध में आपका क्या कहना है। सोमवार को ही जस्टिस एसके अवस्थी की बेंच में उज्जैन के सांसद फिरोजिया के खिलाफ चल रही चुनाव याचिका में सुनवाई हुई। यह याचिका फिरोजिया के सामने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले बाबूलाल मालवीय ने दायर की है।
नहीं हुआ था वीवीपैट और कंट्रोलिंग यूनिट के मतों का मिलान
दोनों याचिकाओं में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश दिए थे कि हर विधानसभा के पांच मतदान केंद्रों पर औचक जांच होगी। वीवीपैट और कंट्रोलिंग यूनिट के मतों का मिलान किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
ये है शक की वजह
मॉक पोल के डेटा को डिलीट नहीं किया गया था। इसके अलावा मतगणना के समय ईवीएम की बैटरी 99 प्रतिशत तक चार्ज मिली थीं। मतदान के दिन सुबह सात से शाम छह बजे तक लगातार 11 घंटे चलाने के बाद भी बैटरी के 99 प्रतिशत चार्ज मिलना इस बात का संकेत है कि मतदान के बाद भी बैटरी को इस्तेमाल किया गया था।
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/2ZdS7hg

Social Plugin