भोपाल। सिंचाई विभाग में कार्यरत अशोक बागड़े के पिता पुंडलीक बागड़े (75) ने आत्महत्या कर ली। वो काली मंदिर घाट पर तालाब में कूदकर आत्महत्या की कोशिश कर रहे थे परंतु मौजूद पुलिस ने उन्हे रोक लिया और वृद्धाश्रम भेज दिया। करीब 5 घंटे बाद जब सबकुछ सामान्य हुआ तो पिता पुंडलीक बागड़े (75) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सरकारी क्वार्टर कोटरा सुल्तानाबाद निवासी पुंडलीक बागड़े (75) मंगलवार सुबह मंदिर जाने का कहकर घर से निकले थे। इसके बाद वे तलैया स्थित कालीघाट मंदिर पहुंचे और कुर्ता उताकर तालाब में कूदने का प्रयास किया, लेकिन तलैया थाने के एएसआई ने वहां मौजूद लोगों की सूचना पर उन्हें बचा लिया। उनके पास में कोई आईडी भी नहीं थी, जिससे वे घर के बारे में जानकारी मिल सके। तलैया पुलिस ने उन्हें शाहजहांनाबाद स्थित आसरा वृद्धाश्रम पहुंचाया।
दोपहर तक जब वे नहीं लौटे तो सिंचाई विभाग में पदस्थ उनके बेटे अशोक बागड़े व अन्य परिजनों ने तलाश शुरू की। पुलिस से उन्हें पिता के हुलिए के आधार पर आसरा वृद्धाश्रम पहुंचाया। जब वे वहां पहुंचे तो उन्होंने कमरे में एक इलेक्ट्रिक बोर्ड में गमछे के बने फंदे पर पिता को झूलते देखा। वे उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के चलते ही उन्होंने यह कदम उठाया है।
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