इंदौर। चंदननगर में रहने वाली 24 वर्षीय एक महिला दो दिन पहले घर से कपड़ा मार्केट पहुंची और जहर खा लिया। जब वह एक दुकान के सामने गिरी तो दुकानदार ने मदद कर उसे निजी अस्पताल भेज परिजन को जानकारी दी। महिला के जीजा का कहना है कि उसकी बेटी का सरकारी स्कूल में एडमिशन हुआ था, जिससे वह दुखी थी। वह चाहती थी कि बच्ची अच्छे स्कूल में पढ़े इसलिए जान दे दी। उधर, युवती के पिता का आरोप है कि दामाद कमाता नहीं था और आए दिन पीटता था। इससे बेटी दुखी थी।
चंदननगर पुलिस के अनुसार क्षेत्र में रहने वाली शहनाज(24) पति जाकीर शाह (Shahnaz marido Jakir Shah) की इलाज के दौरान गुरुवार सुबह एमवायएच में मौत हो गई। उसका पति ट्रक बॉडी का काम करता था। उनके तीन बच्चे अलीशा (5), जबीर(4) और मोइन (डेढ साल) (Alisha, Jabir, Moin,) हैं। जीजा लियाकत शाह ने बताया कि घर में कोई परेशानी नहीं थी। बस शहनाज अपनी बच्ची के अच्छे स्कूल में एडमिशन को लेकर परेशान थी। वह चाहती थी कि दूसरों के बच्चों की तरह उसकी बेटी भी अच्छे स्कूल में पढ़े, लेकिन पति ने अपनी हैसियत के हिसाब से उसे सरकारी स्कूल में भर्ती करवा दिया था। वह अपने तीनों बच्चों की परवरिश और पढ़ाई को लेकर काफी चिंतित थी। इसके चलते कई बार विवाद हुए।
मंगलवार दोपहर को वह घर से निकली और कपड़ा मार्केट पहुंच गई। वहां जाकर उसने जहर खा लिया। कुछ देर बाद वह एक दुकान के सामने गिरी। वहां के संचालक सोनू ने महिला से बात की तो उसने जहर खाना बताया। इस पर सोनू ने उसे बंबई बाजार समीप एक नर्सिंग होम में भर्ती करवाया। महिला से नंबर लेकर उसके जेठ को जानकारी दी।
मतकमाऊ दामाद पीटता था बेटी को: पीथमपुर में ट्रक ड्राइवर पिता मुबारिक शाह का आरोप है कि उनकी बेटी शहनाज शादी के बाद से ही परेशान थी। शादी के 9 साल से ही उसे तंग किया जा रहा था। वह उनकी इकलौती बेटी थी। एक महीने पहले भी दामाद ने उसे पीटा था, तब वे उसे अपने घर ले आए थे। दोनों को समझाया था। पति महीने में 3-4 दिन ही काम पर जाता था, इससे वह दुखी थी। वह चाहती थी कि पति काम करे। इससे दुखी होकर उसने जान दे दी।
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