'यात्रीगण कृपया ध्यान दें...' यह आवाज हर उस व्यक्ति को याद होगी जो अपनी जिंदगी में एक भी बार रेलवे स्टेशन गया है। क्या आपको पता है कि यह आवाज किसकी है। क्या हर स्टेशन पर अलग-अलग आवाज होतीं हैं या एक ही आवाज को पूरे देश में उपयोग किया जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह कि इस आवाज वाली महिला को 'यात्रीगण कृपया ध्यान दें...' के बदले कुल कितनी फीस दी गई थी। आइए हम बताते हैं:
जब उनकी आवाज पर 'यात्रीगण सचमुच ध्यान देने लगे' और उनकी आवाज का जादू हर स्टेशन पर नजर आने लगा तो 1986 में स्थायी कर दिया गया था। आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि आज भी देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सरला चौधरी की ही प्री रिकॉर्डेड आवाज का उपयोग किया जाता है। नई ट्रेनों के नाम के लिए बीच में दूसरी आवाज एड कर दी जाती है।
यह आवाज सरला चौधरी की है
यह आवाज सरला चौधरी की है। यह आवाज पिछले 20 साल से उपयोगी की जा रही है। सरला चौधरी, उन सैकड़ों उम्मीदवारों में से एक थीं जिन्होंने 1982 में मध्य रेलवे में उद्घोषक (घोषणा करनेवाला) के पद के लिए परीक्षा दी थी। सरला चौधरी का चयन किया गया था और वह दैनिक मजदूरी के आधार पर शामिल हुईं। यानी की वो रेलवे में अस्थाई कर्मचारी थीं।जब उनकी आवाज पर 'यात्रीगण सचमुच ध्यान देने लगे' और उनकी आवाज का जादू हर स्टेशन पर नजर आने लगा तो 1986 में स्थायी कर दिया गया था। आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि आज भी देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सरला चौधरी की ही प्री रिकॉर्डेड आवाज का उपयोग किया जाता है। नई ट्रेनों के नाम के लिए बीच में दूसरी आवाज एड कर दी जाती है।
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