इंदौर। मंत्री तुलसी सिलावट (Minister Tulsi silavat) के साथ जो कुछ हुआ वो किस्सा बन गया। मंत्री तुलसी सिलावट अस्पतालों (Hospitals) में बिजली प्रबंध (Electricity management) के लिए मीटिंग ले रहे थे कि तभी अचानक बिजली कटौती हो गई। मोबाइल टॉर्च की रौशनी में मीटिंग आगे बढ़ाई गई। पूरे 8 मिनट तक बिजली गायब रही और इतनी देर में मंत्री तुलसी सिलावट 2 तरह के पसीने से भीग गए। पहला गर्मी से उत्पन्न हुआ पसीना और दूसरा संभावित खबरों की आग से।
मीटिंग में चिंतन हो रहा था कि अस्पतालों में बिजली के प्रबंध सुनिश्चित हों। यदि बिजली कट भी हो तो तत्काल आ जाए और अस्पतालों के पास अपना बैकअप भी हो। बैठक चल ही रही थी कि अचानक बिजली गुल हो गई। बैठक में बिजली कंपनी अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट तत्काल मामले को संभालने और खुद को बचाने के लिए बोले- ये देखो, आपके सामने ही बिजली गुल हो गई। कांग्रेस के शासन में ऐसा क्यों हो रहा है, जबकि प्रदेश में बिजली सरप्लस है। अधिकारियों ने कारण बताया कि खंडवा रोड की ग्रिड पर फाल्ट हो गया। इसलिए बिजली गई है। जल्दी ही आ जाएगी।
बिजली आने के बाद बैठक आगे बढ़ी। मंत्री सिलावट ने एमवायएच या सरकारी अस्पतालों में बिजली जाने पर दस मिनट से एक घंटे के अंदर इसे सुधारे जाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले दिनों तीन घंटे बिजली जाने से एमवाय अस्पताल में हुई अफरा-तफरी पर बात की। उन्होंने कहा कि यहां पर 15 सौ के लगभग मरीज भर्ती रहते हैं। उनके इलाज में कोई कमी न रहे, यह सबकी जिम्मेदारी है।
बैठक में बिजली कंपनी के एमडी विकास नरवाल, चीफ इंजीनियर संजय मुहासे, अधीक्षक यंत्री अशोक शर्मा सहित सभी कार्यपालक यंत्री, मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. योति बिंदल, एमवायएच अधीक्षक डॉ. पीएस ठाकुर, सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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