नई दिल्ली। डॉक्टर अब चिकित्सक से ज्यादा कारोबारी और खिलाड़ी हो गए हैं। कभी वो पैसा कमाने के लिए तो कभी रिकॉर्ड बनाने के लिए मरीजों की जान से खेलते हैं। केरल के एक सरकारी अस्पताल से ऐसा ही मामला सामने आ रहा है। सबसे ज्यादा कैंसर के मरीजों को ठीक करने का रिकॉर्ड बनाने के लिए डॉक्टर ने एक ऐसी महिला की कीमोथेरेपी कर डाली जिसे कैंसर था ही नहीं। बता दें कि स्टडी रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि कैंसर के ज्यादातर मरीज कैंसर के कारण नहीं बल्कि कीमोथेरेपी के कारण मर जाते हैं।
मावलिक्कारा की रहने वाली महिला ने बताया कि उसके सीने में गांठ थी। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में 28 फरवरी को इलाज किया गया। उसका सैंपल जांच के लिए अस्पताल की तरफ से निजी लैब में भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कैंसर होने की बात सामने आई। इसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल कीमोथेरेपी शुरू कर दी।
सरकारी रिपोर्ट में पता चला कि कैंसर नहीं है
दो हफ्ते के बाद अस्पताल की लैब से रिपोर्ट आई कि महिला को कैंसर नहीं है। इसके बाद कीमोथैरेपी रोक दी गई और महिला को जनरल सर्जरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। वहां सर्जरी कर सीने से गांठ हटाई गई। सैंपल रिपोर्ट को फिर से अस्पताल की लैब और तिरुवनंतपुरम के रीजनल कैंसर सेंटर में जांच की गई। दोनों की रिपोर्ट में महिला को कैंसर न होने की पुष्टि हुई।
महिला ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की
महिला ने मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से की। उसने बताया कि कीमोथैरेपी किए जाने के बाद उसे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं हो रही हैं। मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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