भोपाल। शिक्षा विभाग के सुविधा भोगी आला अधिकारियों द्वारा "भीषण गर्मी में अव्यवस्थाओं के बीच शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित कर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना" इनकी कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघके प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने कहा कि प्रदेश में आग उगलती भीषण गर्मी में अव्यवस्थाओं के चलते शिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित कर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, इससे शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रशिक्षण स्थल से इस प्रकार की भयावह तस्वीरें सामने आ रही है। प्रशिक्षण के पूर्व भीषण गर्मी से निपटने के पर्याप्त पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। कुलर व ठंडे शुद्ध पेयजल के अभाव में शिक्षकों को प्रशिक्षण स्थल पर बुलाना अमानवीय तो है ही साथ ही मानवधिकारों का भी उल्लंघन है। राजस्थान सरकार ने भीषण गर्मी के चलते पशुओं से काम पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इसके उलट वातानुकूलित बंगलो-कार्यालयों में बैठकर इस प्रकार से अव्यवस्थाओं में प्रशिक्षण आदेश पालन करवाना अधिकारियों की ज़िद के साथ कहीं नई सरकार को बदनाम करने की साजिश तो नहीं है। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ माननीय डाॅ प्रभुराम चौधरी मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग से मांग करता है कि ऐसे प्रशिक्षणों पर रोक लगाकर पुख्ता इंतजाम के साथ ही प्रशिक्षण आयोजित करवाये जावे।
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