नई दिल्ली। आने वाले तूफान के कारण बारिश टल सकती है। 'वायु' नाम का यह तूफान गुजरात सहित भारत के समुद्री तटों पर क्या कुछ करेगा यह तो सरकार को पता है परंतु मौसम वैज्ञानिक घबराए हुए हैं कि कहीं 'वायु' की तूफानी हवाएं उत्तर भारत के बादलों ना उड़ा ले जाएं। यदि ऐसा हुआ तो गर्मी से तप रहे उत्तरभारत में हाहाकार मच जाएगा। क्योंकि पूरे मैदानी इलाकों में किसान खेती-बाड़ी के लिए मानसून की बारिश पर ही निर्भर होते हैं।
'वायु चक्रवात' यदि बादल उड़ा ले गया तो क्या होगा
वैसे तो मानसून पहले से ही देरी से चल रहा है, लेकिन अगर वो 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले 'वायु चक्रवात' की चपेट में आ गया तो किसानों को बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर मानसूनी बादल नहीं ठहरे तो बारिश भी नहीं होगी और यदि इस बार पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो भयंकर सूखे की स्थिति पैदा हो जाएगी।
धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है मानसून
एक सप्ताह की देरी से आए दक्षिणी-पश्चिमी मानसून को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून दक्षिणी अरब सागर, लक्षद्वीप के अधिकांश हिस्सों और केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार तक पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही थीं लेकिन अब परिस्थितियां बदल रहीं हैं।
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