ओवैस सिद्दीकी, इंदौर (मप्र), NIT:
रमज़ान की 27वीं रात को मुस्लिम समाज द्वारा सबसे अफजल बरकत वाली रात शब-ए-कद्र को मस्जिदों व घरों में रातभर जागकर इबादत की गई। रमज़ान माह में तरावीह की नमाज़ में बगैर देखे पूरा क़ुरआन सुनाने वाले हाफिजों, मस्जिद के पेश इमामों और अज़ान देने वाले मोअज़्ज़िमों को मस्जिद इंतेजामिया कमेटी द्वारा नज़राना देकर दस्तारबंदी की गई।
प्रिंस यशवंत रोड़ स्थित मस्जिद कानूनगो बाखल कमेटी के हकीम बाबा ने बताया कि सर्वधर्म संघ के मंज़ूर बेग की ख़ास मौजूदगी में कानूनगो बाखल फ़ातिमा मस्जिद के इमाम साहब हाफ़िज़ नदीम नूरी शाकिर मौलाना को आधा किलो चांदी का मोमेंटो बतौर नज़राना पेश किया गया।सर्वधर्म संघ के अध्यक्ष मंज़ूर बेग द्वारा प्रतिवर्ष मस्जिद के इमाम व ख़िदमगारों को नज़राना दिया गया। शबे क़द्र पर क़ब्रस्तानों व दरगाहों पर फूल पेश कर पुरखों की मग़फ़िरत की दुआ मांगी गई। अल्लाह की बारगाह में नवाफिल नमाज अदा कर गुनाहों से तौबा की। मुस्लिम समाज द्वारा इस रात का हर लम्हा जिक्र-ए-इलाही, दरुद शरीफ पढ़कर गुजारा गया।
from New India Times http://bit.ly/2Z7HtEV
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