क़ुरआन ए पाक मुकम्मल होने पर मांगी गई अमन व चैन की दुआ

आबिद कुरेशी, आगरा (यूपी), NIT:

रूनकता जामा मस्जिद में 26 रमज़ान 27 वीं शब को क़ुरान पाक मुकम्मल हुआ। इस दौरान रूनकता जामा मस्जिद के इमामो ख़तीब मुफ़्ती शफीकुर्रहमान क़ासमी ने कहा कि कुरआन ऐसी किताब है जो ज़िन्दगी जीने का सलीका सिखाती है और पूरी दुनिया के लिए मोहब्बत व अमन का पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि कुरआन ही ऐसी किताब है जो दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी जाती है। अल्लाह ने इसकी हिफाजत की जिम्मेदारी खुद ली है। यह महीना इबादतों का महीना है, जिसमें अल्लाह से माफी मांगने पर गुनाह माफ होते हैं। अल्लाह अपने बंदे को नेक राह पर चलने की हिदायत देता है। हम लोगों को नेक राह पर चलकर अल्लाह की इबादत करना चाहिए। सभी लोगों को एक न एक दिन इस दुनिया से जाना है।
इस मौके पर मोहम्मद आबिद क़ुरैशी, रोहिल सुफ़ियान, अब्दुल ख़लील, इरफान कुरैशी, सोनू क़ुरैशी, मुस्ताक क़ुरैशी, हाजी मजीद , जलालुद्दीन क़ुरैशी आदि मौजूद रहे।



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