योगेश तिवारी, बाराबंकी/लखनऊ (यूपी), NIT:
पर्यावरण संरक्षण पर युग गरिमा’ राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका के तत्वाधान में एक परिचर्चा संगोष्ठी का आयोजन स्टार पैलेस इंदिरा नगर लखनऊ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लब्ध प्रतिष्ठ कथाकार साहित्यकार श्री दयानंद पांडेय ने की मुख्य अतिथि डॉ० किशोरी शरण शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि डॉ० रवीन्द्र नाथ तिवारी जी रहे इस अवसर पर लखनऊ के बरिष्ठ साहित्यकार पर्यावरणविद सामाजिक सेवा से जुड़े हुए अनेक गणमान्य मनीषी विद्वतजनों की उपस्थिति रही। साहित्यिकारों , विशेषज्ञों ने धरती की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की तथा अनेक बिंदुओं पर व्यापक विचार विमर्श किया। वर्तमान में संपूर्ण धरती को और अधिक हरा भरा बनाने पर जोर दिया। वक्ताओें ने पर्यावरण संरक्षण पर आम जनमानस को इसके प्रति सजग करने का संकल्प लिया तथा प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने का संकल्प लिया।
पर्यावरण परिचर्चा संगोष्ठी के दौरान लगभग 32 से अधिक वक्ताओंने धरती को बचाने के लिए अपने प्रभावी विचार संक्षेप में प्रस्तुत किए और कहा कि यही उचित अवसर और समय है यदि अब भी हम सजग नहीं हुए तो बहुत देर हो जाएगी। पत्रिका के संपादक डॉ० रवीन्द्र मिश्र ने कहा कि हमारे पास मात्र पंद्रह वर्ष का समय तब है, जब हम आज से ही वृक्षा रोपण व्यापक स्तर पर प्रारंभ करें तथा यह सुनिश्चित करें की जो भी पेड़ लगाए जाएं उन्हें बड़ा होने तक पूरी देखभाल और उनकी सुरक्षा के क्या बेहतर उपाय हमने किए है। मात्र पौधा रोपण कर देने का कोई अर्थ तब तक नहीं है जब तक वह पौध वृछ न बन जाए। औश्री सुशील श्रीवास्तव, डॉ० सुभाष गुरुदेव, श्री नरेन्द्र भूषण, इं० बिपिन कांत , डॉ० जय प्रकाश तिवारी, डॉ० पद्मिनी नातू, शिल्पी जायसवाल, डॉ० शेवता, श्री बैजनाथ मिश्रा मुकेशा नंद, श्री वेदप्रकाश राय, लालितेश वाजपेई, आदि ने अपने प्रभावी विचार प्रस्तुत किए।
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