उपदेश अवस्थी/भोपाल। लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद अब ज्योतिरादित्य सिंधिया का भविष्य क्या होगा। इसकी चर्चाएं भी शुरू कर ली जानी चाहिए। राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश कर दी तो केंद्रीय कार्यसमिति ने राहुल गांधी को पूरी पार्टी में बदलाव करने के लिए अधिकृत कर दिया। मध्यप्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी खाली होने वाली है और राज्यसभा में भी एक नई सीट कांग्रेस के खाते में आने वाली है।
क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे
यदि कांग्रेस के गुटबाजों की थ्योरी को मान लें तो सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को नुक्सान पहुंचाया है। यदि इस थ्योरी को ना भी मानें तो दोनों दिग्गजों के हार जाने के बाद अब मध्यप्रदेश कांग्रेस में सिर्फ एक ही नेता शेष रह गया है और वो हैं सीएम कमलनाथ। तो क्या राहुल गांधी शक्ति के संतुलन के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी प्रदान करेंगे ताकि ज्योतिरादित्य सिंधिया का मध्यप्रदेश में दखल बना रहे और वो अपना समय संगठन को मजबूत करने में लगा सकें।
क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यसभा सांसद बनेंगे
राज्यसभा के लिए मध्यप्रदेश के पास कुल 11 सीटें हैं। इनमें से 3 दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल 09 अप्रैल 2020 यानी करीब 1 साल बाद खत्म होने वाला है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या 114 है। इस हिसाब से कांग्रेस को 3 में से 2 सीटें मिलेंगी। दिग्विजय सिंह अपनी सीट पर सुरक्षित हैं तो दूसरी सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए हो सकती है। क्योंकि राहुल गांधी को संसद में ज्योतिरादित्य सिंधिया की जरूरत है तो यह संभव है कि सिंधिया के पास सांसद का पद तो बना रहे।
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