तो क्या इंदौर में ताई के कारण भाजपा के वोट रुके थे ? | INDORE ELECTION REVIEW

भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम चौंकाने वाले आए हैं। समीक्षा के दौरान ऐसी कई बातें सामने आ रहीं हैं जो आश्चर्यचकित करतीं हैं। बात इंदौर की करते हैं। यहां सुमित्रा महाजन लगातार 30 साल तक सांसद रहीं। कहते थे कि ताई के कारण यहां भाजपा जीतती है परंतु 2019 के चुनाव परिणाम बताते हैं कि भाजपा का वोट बैंक तो काफी ज्यादा था। ताई के कारण वोट कट जाते थे। 

इंदौर से चुनाव जीते भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी शंकर लालवानी को ताई से कहीं ज्यादा वोट मिले हैं। उन्होंने प्रदेश में दूसरी और देश में 12वीं सबसे बड़ी जीत दर्ज कराई है। यह एक बड़ा रिकॉर्ड है। इंदौर में इस बार का इतिहास बदल गया। रिकॉर्ड 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन की जगह इस बार बीजेपी का नया चेहरा शहर को मिला। शंकर लालवानी रिकॉर्ड साढ़े 5 लाख से ज्यादा वोटों से जीते। बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली इंदौर लोकसभा सीट से शंकर लालवानी ने 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन के 4,66,901 मतों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने कांग्रेस के पंकज संघवी को 5 लाख 46 हजार 556 मतों से हराया। लालवानी को कुल 10 लाख 66 हजार 824 मत मिले, जबकि संघवी को 5 लाख 20 हजार 268 मत मिले।

जीत का सर्टीफिकेट लेने के बाद शंकर ललवानी ने खुद कहा कि उन्‍हें जीत का विश्वास तो था, पर इतनी बड़ी जीत की कल्पना नहीं थी। सवाल यह है कि यह जो कल्पना से अधिक वोट आ गए हैं, वो कहां से आए। इंदौर में ताई का प्रभाव सबसे ज्यादा था। वो हिमायल की तरह विशाल नजर आतीं थीं परंतु 2019 के नतीजे बताते हैं कि ताई के कारण इंदौर में करीब 1 लाख वोट कट जाते थे। ताई को हटाते ही वह वोट भी भाजपा को मिल गया। 


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