इंदौर। देवी अहिल्या विवि (Devi Ahilya University) अब परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों के मोबाइल उपयोग को प्रतिबंधित करेगा। इस बारे में प्रस्ताव तैयार हो रहा है। 29 मई को आयोजित स्टैंडिंग कमेटी में परीक्षा के पुराने नियमों में संशोधन की मांग रखी जाएगी। स्टैंडिंग कमेटी से मंजूरी के बाद प्रस्ताव कार्यपरिषद में भेजा जाएगा। असल में बीते दिनों से DAVV की परीक्षाओं (EXAMS) के पर्चे परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे से 15 मिनट पहले तक सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं। सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह से पर्चे को लीक करने से बचाने के लिए विवि केंद्रों पर मोबाइल के उपयोग पर अंकुश लगा रहा है।
बीते दिनों तमाम सेमेस्टर परीक्षाओं में पर्चा शुरू होने से ठीक पहले पेपर लीक करने की कई शिकायतें और जानकारी विवि के पास पहुंची थी। असल में परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र के लिफाफों की सील खोली जाती है। इसके बाद हर कक्षा में बैठे परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से वितरण आदि का काम केंद्राध्यक्ष की निगरानी में होता है। बीते दिनों से विवि की परीक्षाओं में केंद्रों पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी देरी से परीक्षा देने पहुंचने लगे थे। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। असल में नियम है कि परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे तक विद्यार्थी को हॉल में प्रवेश दिया जाता है। पर्चे की सील खोलने और हॉल में प्रवेश करने के समय व नियम का लाभ उठाकर ही सील खोलने के बाद पेपर का फोटो लेकर उसे वाट्सएप के जरिए छात्रों तक भेजा जा रहा था। परीक्षा केंद्रों के ही शिक्षकों पर इस मामले में शक जताया जा रहा था। बीते दिनों देरी से परीक्षा देने पहुंचे एक छात्र के पास जब मोबाइल बरामद हुआ था तो कुलपति डॉ.नरेंद्र धाकड़ ने खुद छात्र का मोबाइल जब्त कर उसके वाट्सएप रिकॉर्ड की जांच करवाई थी कि कहीं छात्र के पास पर्चे तो नहीं पहुंचे थे।
विवि के अधिकारियों ने सोशल मीडिया के सहारे ऐन मौके पर पर्चा लीक करने पर काबू पाने के लिए शिक्षकों के परीक्षा केंद्र पर मोबाइल उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है। इसके लिए विवि को परीक्षा नियमों में संशोधन करना होगा। दरअसल अब तक के परीक्षा नियमों में छात्रों के परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल ले जाने और उपयोग पर तो प्रतिबंध लगा है लेकिन शिक्षकों पर नहीं। मौजूदा समय में परीक्षा हॉल के अंदर भी शिक्षक मोबाइल ले जाते हैं। अब प्रस्ताव बनाया गया है कि शिक्षकों के पास परीक्षा के दौरान मोबाइल रहे ही नहीं यह नियमों में लिखा जाए। हालांकि विवि को डर है कि नियम बनने से कहीं शिक्षक परीक्षा ड्यूटी से किनारा न करने लगे। लिहाजा बीच का रास्ता निकालने की कोशिश भी की जा रही है। विवि के अधिकारियों ने इसे गोपनीय मामला बताते हुए फिलहाल कुछ भी टिप्पणी करने से भी इनकार कर दिया है।
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