भोपाल। अदालत ने गृह फाइनेंस लिमिटेड (Home Finance Limited) में 4 करोड़ 45 लाख की अमानत में ख्यानत और धोखाधड़ी (Fraud) के दस साल पुराने मामले में कंपनी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजीत नायर (Manager Ajit Nayer) और एक अन्य को सात साल की जेल और एक लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। बुधवार को विशेष न्यायाधीश संजीव पांडे (Special Judge Sanjeev Pandey) ने यह फैसला (Decision) सुनाया।
अदालत ने जांच अधिकारी विक्रांत मुराब (Vikrant Murab) की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाते हुए टिप्पणी की है कि अभियुक्तगण को जिन आरोपो में दोषमुक्त किया गया है, वह अनुसंधान में गंभीर त्रुटियों का परिणाम है। जज ने मुराब के खिलाफ कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अफसरों को पत्र लिखकर फैसले की प्रति भेजने के आदेश दिए। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों काे जेल भेज दिया गया। लोक अभियोजन भोपाल की जनसंपर्क अधिकारी सुधा विजय सिंह भदौरिया (Sudha Vijay Singh Bhadauriya) ने बताया कि भोपाल गृह फाइनेंस लिमिटेड के तत्कालीन शाखा प्रबंधक एवं एक अन्य ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2006 से 2009 के बीच कंपनी को 4 करोड़ 45 लाख का नुकसान पहुंचाया था।
4 दिंसबर 2010 ईओडब्ल्यू में अजीत के खिलाफ संपत्ति संबंधी धोखाखड़ी कर उसकी संपत्तियों को विक्रय करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। दोनों ने 24 प्रकरणों में ऋणी लोगो से सांठगांठ कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत करते हुए कंपनी को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया था।
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