बैतूल। कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिथोड़े ने कहा है कि शिक्षा कार्य से जुड़े प्रत्येक प्राचार्य एवं शिक्षक को अपने दायित्व अच्छी तरह समझना होंगे। उन्हें स्कूल के बच्चों की पढ़ाई पर सतत् ध्यान देना होगा तथा शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास करने होंगे। जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम निरंतर खराब आ रहे हैं, वहां के प्राचार्यों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सतत् खराब परीक्षा परिणाम लाने वाले 20 वर्ष से अधिक सेवा वाले प्राचार्यों के विरूद्ध अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की जाएगी।
श्री पिथोड़े शनिवार को आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत संचालित स्कूलों के परीक्षा परिणाम की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी एवं संयुक्त आयुक्त आदिवासी विकास श्री जेपी यादव भी मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने स्कूलवार दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणामों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिन स्कूलों ने परीक्षा परिणामों में अच्छा प्रदर्शन किया है, उनके प्राचार्यों की ताली बजाकर सराहना भी की। जिन स्कूलों का परीक्षा परिणामों में बेहतर प्रदर्शन नहीं रहा, उन प्राचार्यों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जो स्कूल अच्छे परीक्षा परिणाम लाएंगे, उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए शिक्षक नवाचार करें। बच्चों को आधुनिक शिक्षा माध्यमों के द्वारा शिक्षा उपलब्ध कराएं। यू-ट्यूब एवं इंटरनेट पर शिक्षा से संबंधित बहुत अच्छी-अच्छी सामग्री उपलब्ध है, वह भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएं, ताकि वे अध्ययन के क्षेत्र में कहीं भी कमजोर न रहे। जो बच्चे अध्ययन में कमजोर रह रहे हैं, उन पर सतत् निगरानी बनाए जाए। निरंतर उनका मूल्यांकन कर इस बात पर ध्यान दें कि वे किस विषय में पिछड़ रहे हैं, उन विषयों की पढ़ाई पर ज्यादा जोर दिया जाए। आवश्यक हो तो बच्चों के पालकों से भी संपर्क किया जाए। समय-समय पर अच्छे परीक्षा परिणाम प्रस्तुत करने वाले संस्थाओं के प्राचार्यों को भी स्कूलों में बुलाकर उनके अध्यापन के तौर तरीके साझा किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र की एक प्रोग्रेस सीट तैयार करें, जिसमें उसके अध्ययन का खाका रखा जाए, उस आधार पर उसको आवश्यक शिक्षण उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों में ई-निरीक्षण व्यवस्था प्रभावशील की जाए। कलेक्टर ने बैठक में इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षक बहाने न बनाकर पढ़ाई में आ रहे अवरोधों को हटाएं एवं प्रत्येक स्कूल में बेहतर शिक्षण की व्यवस्था तैयार करें। आवश्यकता हो तो ग्रीष्म काल के दौरान अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अध्ययन कराएं।
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