भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2018 को टाॅप करने वाले कनिष्क कटारिया के बाद मेघवाल समाज की बेटी गीता ने सीनियर कला के परीक्षा परिणाम में रचा इतिहास

अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:

दलित समुदाय की योग्यता पर सवाल उठाने वालों पर करारा तमाचा जड़ते हुये श्रीगंगानगर जिले के जोरावरसिंहपुरा गांव की राजकीय स्कूल की छात्रा गीता जयपाल (मेघवाल) ने आज सीनियर कला के जारी हुये परीक्षा परिणाम मे 99.40 प्रतिशत अंक पाकर सूनहरे अक्षरों में नाम दर्ज करवा लिया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गीता को उसकी इस कामयाबी पर फोन करके मुबारकबाद पेश की है।
एक गरीब टेलर की बेटी गीता अपने घर से रोजाना आठ किलोमीटर दूर जोरावरसिंहपुरा गांव की सरकारी स्कूल में पढने जाने के बाद हिन्दी, राजनीतिक विज्ञान व पंजाबी साहित्य में 100 में 100 अंक पाये हैं जबकि अंग्रेजी में 99 व इतिहास मे 98 अंक पाने के अनुसार कुल 500 में से 497 अंक पाने पर 99.40 प्रतिशत अंक पाये हैं।

कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की गीता के आज जारी हुये बारहवीं कला के परीक्षा परिणाम में 99.40 अंक पाने पर दलित समुदाय की योग्यता व सरकारी स्कूल की पढाई स्तर पर ऊंगली उठाने वालों पर करारी चोट करते हुये गरीब-अमीर की खाई के शिक्षा के मध्य बनने वाले रोड़े के मिथक को भी तोड़ डाला है। गीता ने अच्छे अंक लाने में माता-पिता के साथ अध्यापकों का सहयोग बताते हुये राजस्थान प्रशासनिक सेवा मे जाने की इच्छा जताई है। इसके अतिरिक्त भारतीय सिविल सेवा परीक्षा-2018 को टाॅप करने वाला भी राजस्थान के दलित समुदाय का लाल कनिष्क कटारिया ही है।



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