नई दिल्ली। लोकसभा 2019 में कुछ बड़े नेता जैसे अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और उमा भारती को इस कैबिनेट में कोई जगह फिलहाल नहीं दी गयी हैं। अरुण जेटली ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए सरकार में शामिल न किए जाने का अनुरोध किया था जबकि सुषमा स्वराज और उमा भारती ने लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा था। इनके आलावा भी मोदी सरकार-1 के कई कैबिनेट मंत्रियों को नई सरकार में जगह नहीं मिली है। बीजेपी के नेताओं मेनका गांधी, सुरेश प्रभु, जेपी नड्डा, राधा मोहन सिंह को इस बार मंत्री नहीं बनाया गया।
साथ ही कैबिनेट मंत्रियों के अलावा राज्य मंत्री रैंक के भी राज्यवर्धन सिंह राठौड़, महेश शर्मा, जयंत सिन्हा, एसएस अहलुवालिया, विजय गोयल, के. अल्फोंस, रमेश जिगाजिनागी, मनोज सिन्हा, राम कृपाल यादव, अनंत कुमार हेगडे़, अनुप्रिया पटेल, सत्यपाल सिंह को भी मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया गया है। इन पूर्व मंत्रियों में से के. अल्फोंस और मनोज सिन्हा चुनाव हार गए जबकि बाकी जीतकर संसद पहुंचे हैं।
सुषमा स्वराज का न होना सबसे ज्यादा निराशा जनक
सुषमा स्वराज को नहीं पाकर प्रशंसकों में निराशा फैल गई। कुछ लोगों ने जहां सुषमा को शामिल नहीं करने पर पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं, तो वहीं कुछ लोगों ने सुषमा को मंत्री बनाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान भी शुरू कर दिया है। कुछ फैन्स ने बतौर विदेश मंत्री सुषमा के काम की तारीफ करते हुए उन्हें प्रेरणादायी करार दिया। लोगों ने किसी ना किसी रूप में सक्रियता बनाए रखने की गुजारिश भी की।
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