भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) का दावा है कि 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं का रिजल्ट 12-15 मई तक आ जाएगा लेकिन प्रदेशभर में शिक्षकों की कमी के चलते अभी मूल्यांकन का प्रथम चरण ही पूरा हो पाया है। ऐसे में जानकारों का कहना है कि मई आखिर में रिजल्ट आ पाएगा।
जानकारी के मुताबिक माशिमं ने बोर्ड परीक्षाओं के उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन का प्रथम चरण 20 मार्च से शुरू कर दिया था, जो 5 अप्रैल तक चला, लेकिन कई जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण अभी तक पहला चरण भी पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि राजधानी में मूल्यांकन 60 फीसदी पूरा हो चुका है लेकिन अन्य जिलों के जिन कर्मचारियों और अधिकारियों पर रिजल्ट की पूरी जिम्मेदारी है, उनमें से 280 की चुनाव ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में नतीजे लेट आने की आशंका बन रही है।
बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों की समन्वयक संस्थाओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है। राजधानी में मूल्यांकन केंद्र समन्वयक संस्था मॉडल स्कूल टीटी नगर को बनाया गया है। 30 अप्रैल तक 25 हजार शिक्षकों को 18 करोड़ से अधिक कापियों का मूल्यांकन करना है। हालांकि मामिशं ने दावा किया है कि तत्काल मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा और 12 से 15 मई के बीच दोनों कक्षाओं का रिजल्ट घोषित होने की संभावना है।
दूसरे जिलों में करीब 30 फीसदी मूल्यांकन
राजधानी के टीटी नगर मॉडल स्कूल में बने मूल्यांकन केंद्र में निर्धारित समय के अनुसार पहला चरण पूरा हो चुका है। 60 फीसदी मूल्यांकन पूरा होने के साथ यहां दूसरा चरण शुरू हो चुका है। लेकिन कई जिलों में 30 से 40 फीसदी मूल्यांकन होने के कारण दूसरा चरण शुरू नहीं हो पाया है।
नई व्यवस्था में लग रहा दोगुना समय
माशिमं ने नई गाइडलाइन के अनुसार किसी भी विषय में जीरो या 90 से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की कापियों पर शिक्षकों को विशेष नजर रखना है। ऐसे परीक्षार्थियों की कापियां दोबारा चेक की जा रही हैं। इसलिए भी समय अधिक लग रहा है। इसके अलावा एक या दो नंबर से किसी विषय में विशेष योग्यता या प्रथम श्रेणी की पात्रता से वंचित होने वाले परीक्षार्थियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे सभी विद्यार्थियों की कॉपी दोबारा जांच कर अंकों को ध्यान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक को परीक्षक की 10 फीसदी कॉपियों की सैम्पलिंग जांच करनी होगी।
पत्र लिखा था फिर भी चुनाव ड्यूटी लगा दी
हमने कलेक्टर को पत्र लिखकर मूल्यांकन कार्य में लगे कर्मचारियों व शिक्षकों को चुनाव कार्य से मुक्त रखने का आग्रह किया था। इसके बाद भी कई जिलों में कर्मचारियों व शिक्षकों की ड्यूटी लगने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। फिर भी रिजल्ट 15 मई तक घोषित करने की संभावना है।
अजय सिंह गंगवार, सचिव, माशिमं
30 प्रतिशत कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में
समन्वय केंद्र पर करीब 700 मूल्यांकनकर्ताओं को लगाया है। इसमें से सिर्फ 30 फीसदी शिक्षक चुनाव की ट्रेनिंग में जाते हैं। पहले चरण का मूल्यांकन पूरा होने के बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है।
धर्मेन्द्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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