भोपाल। दिल्ली की आयकर टीम द्वारा मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों के करीब पचास ठिकानों पर की गई छापेमारी में पहला बड़ा खुलासा हुआ है। कार्रवाई में 281 करोड़ रु. के बेहिसाबी कैश रैकेट का पता चला है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने बताया कि राजनीति, व्यापार और सरकारी सेवाओं से जुड़े लोगों के जरिए यह रकम इकट्ठा की गई थी। बता दें कि ये सभी छापे सीएम कमलनाथ के रिश्तेदार, कर्मचारी एवं करीबी लोगों के यहां पड़े थे।
20 करोड़ रुपए एक पार्टी मुख्यालय भेजा गया
सीबीडीटी के मुताबिक, कैश का एक हिस्सा हवाला के जरिए दिल्ली स्थित एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय में भी ट्रांसफर किया गया है। इसमें 20 करोड़ रु. की वह रकम भी शामिल है, जिसे हाल ही में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के तुगलक रोड स्थित आवास से पार्टी मुख्यालय में भेजा गया था। हालांकि सीबीडीटी की तरफ से जारी बयान में किसी नेता के नाम का जिक्र नहीं किया गया है।
सीबीडीटी के जो खुलासे सामने आए हैं उसमें
सीबीडीटी ने बताया कि एक पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार के समूह के दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापों के दौरान कई सबूत मिले हैं। इनमें एक डायरी भी शामिल है, जिसमें 230 करोड़ के बेनामी लेनदेन का जिक्र है। डायरी के अलावा 242 करोड़ रु. की रकम के फर्जी बिलों के कुछ देशो की 80 कंपनियों की मौजूदगी के सबूत भी मिले हैं। सीबीडीटी ने यह भी बताया कि 14.6 करोड़ रु. का बेहिसाबी कैश, 252 शराब की बोतलें, हथियार भी जब्त किए गए हैं।
किस किस के यहां छापे पड़े थे
कमलनाथ के निजी सचिव राजेंद्र मिगलानी, दिल्ली आवास
कमलनाथ के कारोबारी भांजे रतुल पुरी
कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, इंदौर
भोपाल में अश्विनी शर्मा एवं प्रदीप जोशी, कहा जाता है कि ये दोनों मध्यप्रदेश में नौकरशाहों को मनचाहे तबादले दिवालते थे एवं बदले में मोटी रकम लेते थे। यह भी बताया गया है कि ये दोनों नौकरशाहों की काली कमाई को व्हाईट करते थे एवं उसे प्रॉपर्टी इत्यादि में निवेश करते थे।
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