बालाघाट। वर्तमान समय में मप्र के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्रदेश के अधिकांश सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक विहीन है। इस कारण मप्र के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलना एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसी मांग को लेकर कांग्रेस आयुष मेडिकल ऐसोसिएशन के बेनर तले कांग्रेस प्रवक्ता विशाल बिसेन व आयुष चिकित्सक डॉ अंकित असाटी ने जिले के प्रभारी मंत्री कमलेश्वर पटले को बालाघाट प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यो की तर्ज पर मध्यप्रदेश के आयुष चिकित्सकों आकस्मिक समय के लिए आपातकालीन चिकित्सा एलोपैथिक दवाईयां लिखने की अनुमति प्रदान की जाए। कांग्रेस प्रवक्ता विशाल बिसेन ने बताया कि विधानसभा 2018 के वचन पत्र में कांग्रेस द्वारा आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक दवाईयां लिखने की अनुमति देने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापना किए जाने की बात कही गई थी। इसी विषय को लेकर शनिवार को प्रभारी मंत्री से सौजन्य भेंट कर उन्हें इस विषय की जानकारी दी गई।
डॉ अंकित असाटी ने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश में लगभग 35000 आयुष चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्रो में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और आज प्रदेश के लगभग 40000 आयुष चिकित्सक बेरोजगार है। अगर आज कांग्रेस सरकार द्वारा आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक दवा लिखने की अनुमति दी जाती है तो प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतन तरीके से मिलने लगेगी।
प्रभारी मंत्री कमलेश्वर पटेल के द्वारा प्रदेश के आयुष चिकित्सको की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कांग्रेस सरकार के वचन पत्र के अनुसार आयुष चिकित्सको को एलोपैथिक दवाईयां लिखने एवं रिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्य करने के लिए कार्ययोजना बनाने का आश्वासन दिया है।
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