हाशिम अंसारी, लहरपुर/सीतापुर (यूपी), NIT:
लहरपुर कस्बे के रंगवा स्थित डंडा टेक डिग्री कॉलेज में गणतंत्र दिवस का पर्व संस्था प्रबंधक शाह फैसल शुऐब के द्वारा ध्वजारोहण कर एवं राष्ट्रगान के पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादीछात्र सभा के जिलाध्यक्ष अंकित त्रिवेदी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता सेंट बिलाल कॉन्वेंट स्कूल लहरपुर के प्रबंधक अशरफ बिलाल के द्वारा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व में, ब्रिटिश शासन के तहत भारत एक गुलाम देश था जिसे हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के द्वारा बहुत वर्षों के संर्घषों के बाद आजादी प्राप्त हुई। इसलिये, हमें आसानी से अपने सभी बहुमूल्य बलिदानों को नहीं जाने देना चाहिये और फिर से इसे भ्रष्टाचार, अशिक्षा, असमानता और दूसरे सामाजिक भेदभाव का गुलाम नहीं बनने देना है। आज का दिन सबसे बेहतर दिन है जब हमें अपने देश के वास्तविक अर्थ, स्थिति, प्रतिष्ठा और सबसे जरुरी मानवता की संस्कृति को संरक्षित करने के लिये प्रतिज्ञा करनी चाहिये।
इसके पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं अध्यक्ष महोदय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा किभारतीय नागरिक होने के नाते, हम भी अपने देश के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हमें अपने आपको नियमित बनाना चाहिये, ख़बरों को पढ़ें और देश में होने वाली घटनाओं के प्रति जागरुक रहें, क्या सही और गलत हो रहा है, हमारे देश में क्या हो रहा है और सबसे पहले क्या हम अपने देश के लिये कर रहें हैं।
इस अवसर पर संस्था प्रबंधक ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था। 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया। इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया। हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया। हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है।
इस अवसर पर अंकित त्रिवेदी, शाह फैसल शोएब प्रबंधक, राहुल श्रीवास्तव संस्था प्राचार्य, मोहम्मद जैद, उमेश कुमार मौर्य, समेत संस्था के समस्त अध्यापक गण एवं छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
from New India Times http://bit.ly/2TgDZ0p

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