
न्यूयार्क से उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘मैं इस बात से बेहद सम्मानित महसूस कर रही हूं कि भारत सरकार मुझे पद्मश्री के योग्य समझ रही है। लेकिन बड़े खेद के साथ मैं ऐसा महसूस कर रही हूं कि मुझे इसे लेने से इनकार कर देना चाहिए, क्योंकि आम चुनाव होने वाले हैं और पुरस्कार देने की घोषणा का वक्त गलत संदेश दे सकता है जिससे सरकार और मुझे असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा होने पर मुझे ज्यादा पछतावा होगा।’’
लेखिका इस वक्त न्यूयॉर्क में हैं। ‘कर्म कोला’, ‘ए रिवर सूत्र’ ‘स्नेक्स एडं लैडर्स: ग्लिम्सेज ऑफ मॉर्डन इंडिया’ आदि गीता की प्रमुख पुस्तकों में शामिल हैं। साथ ही 76 वर्षीय गीता ने 14 वृत्तचित्रों का निर्माण या निर्देशन भी किया है।
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