
अब अंडमान में नौसेना के तीन एयर बेस हो जायेंगे जिनसे समूचे हिन्द महासागर पर नजर रखी जा सकेगी। अंडमान में नौसेना के दो अन्य एयर बेस पोर्ट ब्लेयर में आईएनएस उत्कर्ष और कैम्पबेल बे में आईएनएस बाज हैं। आईएनएस कोहासा के शुरू हो जाने के बाद यह विमानों का स्थायी बेस बन जायेगा। इससे अंडमान निकोबार कमान द्वीप के सभी क्षेत्रों से अभियानों को अंजाम दे सकेगी और संसाधन बढने के साथ ही उसकी संचालन ताकत भी बढेगी
उत्तरी अंडमान क्षेत्र की निगरानी के लिए नौसेना ने 2001 में शिवपुर हवाई अड्डे की स्थापना की थी। अंडमान निकोबार द्वीप के एकदम उत्तरी छोर पर स्थित होने के कारण यह एयरबेस सामरिक रूप से तो महत्वपूर्ण है ही इससे क्षेत्र के विकास में भी मदद मिलेगी। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट होने के कारण यह सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां से हर साल लगभग 70000 समुद्री जहाजों का आवागमन होता है।
आईएनएस कोहासा का इस्तेमाल सैन्य विमानों के साथ.साथ उडान योजना के तहत नागरिक विमानों द्वारा भी किया जायेगा। विस्तार योजना के तहत इसकी हवाई पट्टी की लंबाई 3000 मीटर तक बढायी जायेगी जिससे इस पर बड़े सैन्य और नागरिक विमान दोनों उतर सकेंगे।यह कदम सरकार की ष्एक्ट ईस्ट पॉलिसीष् के तहत दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों में भी मददगार साबित होगा।
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