भोपाल। इस मामले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बेलगाम हो गया है। राममंदिर विवाद पर लोकसभा चुनाव से पहले फैसला नहीं देने के कारण सुप्रीम कोर्ट पर सीधा हमला किया जा रहा है और भाजपा के नेता कांग्रेस को सभ्यता सिखाते हुए बयान दे रहे हैं कि कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट/ सीबीआई और चुनाव आयोग का सम्मान करना चाहिए।
राकेश सिंह के बाद प्रभात झा का बयान सामने आया
रविवार को सुबह 11:44 बजे आनन-फानन में एक प्रेस रिलीज जारी किया गया। इसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राकेश सिंह ने कांग्रेस द्वारा ईवीएम को लेकर किए जा रहे प्रोपेगंडा पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस का यह इतिहास रहा है कि वह संवैधानिक संस्थाओं पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आरोप लगाकर उनकी गरिमा को भंग करती रहती है। शाम होते होते सांसद प्रभात झा का बयान भी सामने आ गया। झा ने कहा कि कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सीबीआई पर सवाल नही उठाना चाहिए।
भाजपा और संघ के लोग कितना सम्मान करते हैं संवैधानिक संस्थाओं का
मजेदार बात तो यह है कि कांग्रेस को सभ्यता का पाठ पढ़ाने वाले नेता, उनकी अपनी पार्टी भाजपा और उनकी मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तक संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते।
प्रभात झा ने हाल ही में कहा था कि 'एैसी की तैसी' गाली नहीं होती।
प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के सैक्टर अधिकारियों को धमकी दी गई कि चुनाव बाद भी तुमको मध्यप्रदेश में ही रहना है।
आरएसएस ने मुंबई के एक विशाल कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की निंदा केवल इसलिए की, क्योंकि वो लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या जमीन विवाद पर फैसला देने को तैयार नहीं था। यह निंदा का क्रम लगातार जारी है और अब सरकार पर दवाब बनाया जा रहा है कि वो अध्यादेश जारी करके सुप्रीम कोर्ट से पहले ही अयोध्या की विवादित जमीन का फैसला कर दे।
सीबीआई विवाद तो किसी से छुपा ही नहीं है। किस तरह आधी रात को निर्णय हुए और अधिकारियों के बीच चल रहे तनाव में राजनीतिक दखल दिए गए।
एक दर्जन से ज्यादा वीडियो हैं जिसमें मंत्री और सांसद स्तर के जनप्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई और चुनाव आयोग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और संगठन ने उन्हे नोटिस तक जारी नहीं किया।
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