वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
उत्तर प्रदेश में भाजपा में अनुशासन को सर्वोपरि बताने वाले खुद पार्टी के नेता ही कितने अनुशासित हैं यह आए दिन स्पष्ट होता रहता है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी के थाना फूलबेहड़ का सामने आया है जहां राजीनामा कराए जाने का दबाव बनाने के लिए भाजपा की योगी सरकार की विधायिका मंजू त्यागी पुलिस इस्पेक्टर पर रोब झाड़ने के साथ जूता मारने तक की बात कह डालीं, इतना ही नहीं वहां के पुलिस अधीक्षक ने विधायिका की काली करतूतों को नजरअंदाज करते हुए अपने ही इस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया। धिक्कार है ऐसी व्यवस्था पर, धिक्कार है एसपी के नियम, जब अपने ही निर्दोष पुलिसकर्मी को बचा पाने में आप सक्षम नहीं हैं तो आमजन के साथ अगर कोई भाजपा का नेता कुछ गलत करेगा तो आप से न्याय क्या मिलेगा यह स्पस्ट हो गया है। जिस दवाब में आज आपने अपने इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की है कल को ऐसे ही किसी नेता के विवाद में उच्च अधिकारी आप पर कार्यवाही न कर दें? और तो और मैलानी थाने के अंतर्गत संसारपुर पुलिस चौकी पर तैनात दिनेश यादव को भी लाइन हाजिर कर दिया जबकि काफी कम समय में उन्होंने कई अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था, लेकिन एक चोरी के मामले में उनको भी लाइन हाजिर कर दिया गया। क्योंकि उसमें भी एक योगी सरकार के नेता की सिफारिश जुड़ी थी।
एसपी साहब आप के कानून का अंदाजा तो वहीं से लग गया था जब भाजपा की कमल संदेश बाइक रैली में सभी कार्यकर्ता नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बिना हेल्मेट के शामिल हुए और आप मूकदर्शक बने देखते रहे।
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