
न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कहा कि अदालत याचिका पर कोई राहत देने की इच्छुक नहीं है। बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका में मामले में शाह को आरोप मुक्त किये जाने को चुनौती नहीं देने के सीबीआई के फैसले पर सवाल उठाया गया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा, ‘‘हम याचिका खारिज कर रहे हैं। हम कोई राहत नहीं देना चाहते हैं खासकर तब जब याचिकाकर्ता एक संगठन है और उसका मामले से कोई वास्ता नहीं है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 2014 में इस मामले में शाह को आरोप मुक्त कर दिया था। सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी 2005 में गुजरात पुलिस के कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे गये थे।
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