भोपाल। मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के माध्यम से कराई जा रही उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा जिसे वर्ग एक और वर्ग दो भी कहा जा रहा है। पीईबी ने दोनों परीक्षाओं के लिए संशोधित विज्ञापन जारी किया है जिसमें उसमें अायु गणना का आधार 1 जनवरी 2019 रखा गया है। विज्ञापन की शर्त के अनुसार आवेदक की आयु 1 जनवरी 2019 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होना चाहिए।
इसे लेकर उम्मीदवारों में असंतोष है। उनका कहना है कि जिस वर्ष के नाम से परीक्षा आयोजित की जाती है, उस वर्ष के जनवरी माह के मुताबिक आयु की गणना की जाती रही है। बोर्ड ने अब तक सभी भर्तियों में ऐसा ही किया है, लेकिन पीईबी ने पहली बार विज्ञापन की शर्त बदल दी है। खास बात यह भी है कि 20 अक्टूबर 2018 तक ही आवेदन जमा होना है। एेसे में 1 जनवरी 2019 के हिसाब से आयु का निर्धारण करने का क्या औचित्य? कई आवेदक ऐसे हैं, जो वर्ष 2011 से दोबारा भर्ती परीक्षा होने का इंतजार करते हुए अब उम्र की उस दहलीज पर आ गए हैं कि 1 जनवरी 2019 से गणना करने पर वे ओवरएज हो रहे हैं। इस संबंध में उम्मीदवारों ने बोर्ड से लेकर शासन तक को शिकायत की है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि सैकड़ों उम्मीदवार आवेदन करने से वंचित रह गए।
नियम आ रहे आढ़े
हालांकि आरक्षित वर्ग को आयुसीमा में नियमानुसार छूट दी गई है, लेकिन आयु की गणना 1 जनवरी 2019 के आधार पर होने से सैकड़ों उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। आवेदन से वंचित अजय नामक युवक ने बताया कि हम काफी समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। चूंकि यह परीक्षा लगभग एक दशक बाद हो रही है, इससे परीक्षा की बाट जोह रहे उम्मीदवारों में हर्ष था। लेकिन आयु का आधार जनवरी 2019 करने से उनमें असंतोष व्याप्त हैं।
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