नई दिल्ली, सर्च इंजन गूगल कंपनी अभी भी चीन में अपने सर्च इंजन का सेंसर किया हुआ संस्करण पेश करने पर विचार कर रही है. गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने यह सार्वजनिक खुलासा किया है.
पिचाई ने कहा कि ‘ड्रैगनफ्लाई’ एक प्रायोगिक आंतरिक परियोजना है. उन्होने कहा कि हमारा मानना है कि चीन और यह परियोजना हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि चीन बहुत बड़ा बाजार है और वहां बहुत सारे उपभोक्ता हैं. आंतरिक परीक्षणों में हमने पाया कि यह प्रणाली 99 प्रतिशत से अधिक सवालों का जवाब देने में सक्षम है.वह सैन फ्रांसिस्को में वायर्ड-25 सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
सूत्रों के अनुसार, पिचाई ने कहा कि वह यह जानना चाहते थे कि अगर गूगल चीन में होती तो वह कैसी होती? इसलिए उन्होंने इसे आंतरिक तौर पर विकसित किया है. गूगल ने पाया कि चीनी सरकार उसके उपयोक्ताओं द्वारा सर्च की जाने वाली एक प्रतिशत से भी कम जानकारी को सेंसर करती है.
पिचाई ने कहा कि अभी यह परियोजना ‘बहुत शुरुआती चरण में है और संभवत: इस पर आगे भी नहीं बढ़ा जाए.’ उन्होंने कहा, ‘यह बहुत शुरुआती चरण में है, हमें नहीं पता हम चीन में इस पर आगे बढ़ सकेंगे या नहीं, लेकिन मुझे लगता है कि इस बारे में विचार करना महत्वपूर्ण है.
चीन में 2010 में सेंसरशिप संबंधी चिंताएं सामने आने के बाद गूगल को चीनी बाजार छोड़ना पड़ा. गू्गल की चीन में वापसी की संभावना के बारे में सबसे पहले खबर अगस्त में ‘द इंटरसेप्ट’ ने खबर लीक की थी. खबर में बताया गया था कि अमेरिकी गूगल गोपनीय तरीके से ‘ड्रैगनफ्लाई’ विकसित कर रही है. इस विशेष सर्च इंजन को चीन के बड़े बाजार के लिए तैयार किया जा रहा है.
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