भोपाल। मध्यप्रदेश की हवाओं में एक बार फिर व्यापमं घोटाला सुर्खियों में आ गया है। एक तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कारण और दूसरा व्यापमं कांड में जेल गए पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के कारण। दिग्विजय सिंह ने कोर्ट में परिवाद दायर किया तो सीएम शिवराज सिंह चौहान लक्ष्मीकांत शर्मा के साथ भोजन करते नजर आए। अब एक और सवाल गूंज रहा है। कमलनाथ ने व्यापमं का वो राज अब तक क्यों छुपा रखा है, जिसके खुलासे का ऐलान उन्होंने अप्रैल 2018 में किया था।
क्या कहा था कमलनाथ ने
अप्रैल 2018 के लास्टवीक में कमलनाथ एक बयान आया था। उन्होंने ऐलान किया था कि वो जल्द ही व्यापमं घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा करेंगे। इसके बाद वो चुप हो गए। तत्समय कयास लगाए गए कि जब उन्हे कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया जाएगा तब वो अपना कार्ड ओपन करेंगे। मई में उन्हे मनचाहा पद मिला और उन्होंने धूमधाम से उसे ग्रहण भी किया परंतु व्यापमं घोटाले का नया खुलासा नहीं किया। अब तो चुनाव सिर पर आ गए हैं। यह खुलासा कांग्रेस को फायदा और भाजपा को नुक्सान पहुंचा सकता है परंतु फिर भी कमलनाथ व्यापमं का रहस्य दिल में दबाए घूम रहे हैं।
शिवराज सिंह के मददगार थे कमलनाथ!
राजनीति के गलियारों में चर्चाएं होतीं हैं कि व्यापमं घोटाले के खुलासे के समय जब सीएम शिवराज सिंह चारों तरफ से घिर गए थे तब कमलनाथ उनसे दोस्ती निभा रहे थे। कहा जाता है कि मप्र के सीएम शिवराज सिंह को भी कमलनाथ ने अपने कुछ कारोबारी मित्रों से मदद दिलवाई थी। व्यापमं घोटाले के समय एक बड़े कारोबारी का नाम चर्चाओं में आया था। मोदी के मित्रों में शुमार यह कारोबारी कमलनाथ के भी मित्र हैं। कहा जाता है कि शिवराज सिंह से इस कारोबारी की दोस्ती कमलनाथ ने ही करवाई थी। अत: माना जाता है कि कमलनाथ के पास व्यापमं के कुछ ऐसे रहस्य हैं जो कांग्रेस में किसी के पास नहीं हैं। शायद उनमें से ही किसी खास रहस्य को उजागर करने का उन्होंने एलान किया था परंतु फिर मामले को गप कर गए। सवाल यह है कि कमलनाथ चुनावी समर में उन रहस्यों का खुलासा क्यों नहीं कर रहे।
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