मॉब लिंचिंग यानि लोकतंत्र पर भीड़तंत्र हावी होना है और एक बार फिर भीड़ का लोकतंत्र पर हावी होने का मामला सामने आया है। यह घटना बेगूसराय जिले की है, जहां शुक्रवार को हथियार बंद तीन बदमाश एक स्कूल के अंदर छात्रा को अगवा करने के इरादे से घुस गए। ये बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, उससे पहले ही स्कूल में मौजूद स्थानीय लोगों के हत्थे चढ़ गए, जिन्होंने तीनों को पीट-पीटकर मार डाला।
बताया जा रहा है कि बेगूसराय जिले के छौराही थाना क्षेत्र के पंसल्ला गांव स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा को अगवा करने के इरादे से ये तीनों बदमाश वहां पहुंचे थे। ये छात्रा को अगवा करके ले जाने की फिराक में थे, तभी स्कूल के प्रिंसिपल ने इसका विरोध किया। इस पर इन बदमाशों ने प्रिंसिपल की पिटाई कर दी।
इसके बाद स्कूल परिसर में हो हल्ला मच गया, जिसकी वजह से स्थानीय लोग वहां पर इकट्ठा हो गए। सैकड़ों की भीड़ स्कूल में इकट्ठा होते देख तीनों बदमाश वहां से भागने लगे। इस बीच लोगों ने एक बदमाश को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस पर भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने स्कूल के एक कमरे में छिपे बाकी दो बदमाशों को भी निकालकर खदेड़ा और जमकर पिटाई की।
इससे तीनों बदमाश लहूलुहान हो गए। इस घटना में तीनों बदमाशों की मौत हो गई। इनकी पहचान मुकेश महतो, हीरा सिंह समेत अन्य के रूप में की गई है। जब स्थानीय भीड़ इन तीनों बदमाशों की जमकर पिटाई कर रही थे, उस वक्त पुलिस भी मौके पर पहुंची और उन्होंने इनको बचाने की कोशिश की। मगर भीड़ के आगे पुलिस भी बेबस दिखी।
इसके बाद काफी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और इन बदमाशों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद इन बदमाशों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि एक बदमाश मुकेश महतो बेगूसराय जिले का कुख्यात अपराधी नागमणि महतो का भाई है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ही मॉब लिंचिंग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए फैसला सुनाया है। बीते दिनों देश के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि लिंचिंग को लेकर कानून बनाने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर का गठन किया जा चुका है।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 9 राज्य सरकारों ने अनुपालन रिपोर्ट (सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने की रिपोर्ट) को दाखिल कर दिया है। SC ने कहा कि अन्य राज्य सरकारें एक हफ्ते के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
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