आईपीएस अधिकारी बता कर थानेदारों पर रौब झाडने वाला फर्जी आईपीएस अधिकारी गिरफ्तार, पीली बत्ती लगी गाडी भी जब्त

संदीप शुकला/अविनाश द्विवेदी, भिंड /ग्वालियर (मप्र), NIT; ​मध्यप्रदेश, भिंड जिले के देहात थाने में अपने एक रिश्तेदार की सिफारिश करने आए एक नकली आईपीएस अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। भोपाल का रहने वाला संजय सोनी नामक युवक अपने आपको आईपीएस अधिकारी बताते हुए एडिशनल एसपी बनकर थानेदारों पर रौब झाड़ रहा था। जब यह नकली आईपीएस भिंड के देहात थाना पहुंचा तो थाना प्रभारी ने इसको पहचान लिया और नकली IPS की वर्दी उतरवा कर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। आरोपी युवक के साथ बैठे इसके साले सहित अन्य छः साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उसके द्वारा उपयोग की जा रही टवेरा गाड़ी और कुछ दस्तावेज भी पुलिस ने जब्त किए हैं।​शरीर पर पुलिस की वर्दी, सिर पर पुलिस की कैप, वर्दी पर लगा हुआ अशोक और IPS लिखा हुआ, हाथ में डंडा भी है। जी हां इस युवक को देखकर आप भी इसे असली IPS ही समझेंगे। जब थानेदार तक इसको नहीं पहचान सके तो आम आदमी की तो बात ही क्या है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यह कोई परीक्षा पास करके IPS बना अधिकारी नहीं है बल्कि नकली वर्दी पहन कर घूम रहा नकली IPS है, जो भिंड की देहात थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दरअसल भोपाल के रहने वाले संजय कुमार सोनी ने भोपाल के फेमस MITS कॉलेज से इंजीनियरिंग की है। वह पीएससी की परीक्षाएं भी दे चुका है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। जब परीक्षा पास करके वह अधिकारी नहीं बन सका तो उसने नकली अधिकारी बनकर रौब झाड़ना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार युवक ने भोपाल के पुलिस हेडक्वार्टर के सामने स्थित दुकानों से वर्दी सहित आईपीएस दिखने वाला पूरा सामान खरीदा और अपनी गाड़ी पर भी एडिशनल एसपी की प्लेट के साथ ही पुलिस की लाल नीली बत्ती भी लगा ली। बत्ती लगाने के बाद अपने रिश्तेदारों को बिठाकर यह युवक थानों पर रौब झाड़ता था। थानेदार की कुर्सी पर बैठकर उन्हें आदेश दिया करता था। थानेदार भी उसको असली आईपीएस समझकर अपनी कुर्सियां छोड़ देते थे। इसने भिण्ड के साथ ही ग्वालियर और दतिया में थानेदारों पर रौब झाड़ा। लेकिन जब यह भिंड जिला के देहात थाना पहुंचा तो इसकी कलई खुल गई। पहले तो जब थाना स्टाफ ने थानेदार को सूचना दी कि IPS साहब आए हैं तो थानेदार भी अपनी कुर्सी छोड़ कर खड़े हो गए और नकली IPS को कुर्सी दे दी। लेकिन कुछ देर की बातचीत में ही थानेदार को शक हुआ जिसके बाद उन्होंने इसके बैच के बारे में पूछा तो इसने अपने आपको 2014 बैच का बताया। जब बैचमेट के नाम पूछे तो इसने दतिया एसपी मयंक अवस्थी का नाम लिया। थानेदार को पता था कि मयंक अवस्थी 2012 बैच के आईपीएस हैं। और ज्यादा पूछताछ करने पर कहीं इसने अपने आप को 13 वीं बटालियन का कमांडेंट बताया तो कहीं हाल ही में ट्रांसफर होकर आने की बात कही। जिसके बाद थाना प्रभारी ने सारी जगहों से कंफर्मेशन लिया तो पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति IPS ही नहीं है। जिसके बाद इसकी वर्दी उतरवाकर उससे पूछताछ की गई। पुलिस की पूछताछ अभी भी जारी है। ​

वहीं आरोपी युवक का कहना है कि केवल रौब दिखाने के वह नकली आईपीएस बना। इस नकली IPS के पास से एएसपी संजय सोनी लिखे हुए कुछ डॉक्यूमेंट भी बरामद हुए हैं। साथ ही पुलिस द्वारा इसके बैंक अकाउंट की जानकारी भी ली जा रही है कहीं इसने बड़े घोटालों को तो अंजाम नहीं दिया। इस सारी पूछताछ के लिए पुलिस नकली IPS इस युवक की रिमांड लेने की बात कह रही है।



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