बुरहानपुर। आरएसएस से जन्मा संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा प्रदेश के कई हिस्सों में अपनी सक्रियता दर्ज कराता रहता है। बुरहानपुर में हिंदू महासभा ने 2018 विधानसभा चुनाव के लिए उदासीन आश्रम के महंत स्वामी पुष्करानंद महाराज को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
यह घोषणा प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सुगंधी ने प्रेसवार्ता के दौरान की। स्वामी पुष्करानंद महाराज का कहना है कि 'बुरहानपुर की कानून व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है, हर जगह अराजकता फैल रही है। अवैध रेत माफियाओं ने मां ताप्ती के आंचल को छलनी-छलनी कर दिया है, इसके बावजूद इसके प्रशासन मौन है।' वहीं मोहद में बच्ची के साथ हुई घटना पर गहरा शौक व्यक्त करते हुये घटना को निंदनीय बताया। इसके साथ ही आरोपी पर कार्रवाई और फांसी दिये जाने की मांग की है।
कौन हैं स्वामी पुष्करानंद
स्वामी पुष्करानंद बुरहानपुर स्थित उदासीन आश्रम के महंत है। बताया जाता है कि वो विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय मार्गदर्शक व प्रचार मंत्री भी हैं। भोपाल के संत पूजारी संघ के जिलाध्यक्ष व मठ मंदिर सलाहकार बोर्ड के भी सदस्य हैं। यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ से प्रेरित होकर कई साधु संतों ने राजनीति में आने का फैसला किया है। इसी श्रंखला में स्वामी पुष्करानंद भी एक नाम है। उदासीन आश्रम में पूर्व विधायक व महंत स्वामी उमेश मूनि के देहांत के बाद उनके उत्तराधिकारी के रूप में तीन साल पहले भोपाल से बुरहानपुर आये महंत पुष्करानंद महाराज ने आश्रम की कमान संभाली और शहर की धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों में भी शामिल होने लगे।
हिंदू महासभा के बारे में
आरएसएस के नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक दल हिंदू महासभा का गठन किया था। बाद में इसे भंग करके जनसंघ का गठन किया गया, जो बाद में जनता पार्टी और अब भारतीय जनता पार्टी के नाम से जाना जाता है। हिंदू महासभा के कई नेता आरएसएस के इस फैसले से सहमत नहीं हुए और उन्होंने हिंदू महासभा को सक्रिय बनाए रखा। यह संगठन भाजपा को पीछे तो नहीं धकेला पाया परंतु अपना अस्तित्व बचाए रखने में कामयाब रहा है।
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