इंदौर। भोपाल के कारोबारी एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद गोयल ने एक बार फिर गुटबाजी की आग में घी डाल दिया। इंदौर कांग्रेस कार्यालय में कार्यवाहक अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के पदभार ग्रहण समारोह को उन्होंने मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव के खिलाफ भड़ास निकालने का जरिया बना दिया। उन्होंने यहां तक कह डाला कि अरुण यादव ने कांग्रेस की लुटिया डुबा दी। उनके भाषण पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आपत्ति उठाई। समारोह में हंगामा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं कांग्रेसी आपस में भी भिड़ गए। अरुण यादव समर्थकों ने गोविंद गोयल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अरुण की जगह अध्यक्ष बनना चाहते थे गोयल
दरअसल, गोविंद गोयल चाहते थे कि उन्हे प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए। वो महामंत्री रह चुके हैं परंतु राहुल गांधी ने अरुण यादव को भेज दिया। इसी के बाद से तनाव शुरू हो गया था। गोयल ने कई बार दिल्ली जाकर अरुण यादव की शिकायत की। उस समय भी उन्होंने खुलकर बयान दिया था कि जब से प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व अरुण यादव के हाथों में आया है, तब से पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। गोयल ने कहा था कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें 100 दिन के लिए प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने पर विचार करता है तो वे प्रयास करेंगे कि पार्टी में चल रही खींचतान को खत्म कर 2018 में दोबारा कांग्रेस को काबिज करा सकें।
कौन है गोविंद गोयल
गोविंद गोयल मूलत: एक कारोबारी हैं। पूजा पाठ अगरबत्ती उनका प्रमुख उत्पाद है।
कांग्रेस में दिग्विजय सिंह के नजदीकी माने जाते हैं लेकिन कमलनाथ से भी अच्छे संबंध रखते हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिलते रहते हैं।
कांग्रेस को सबसे ज्यादा चंदा देने वाले कारोबारी थे इसलिए पद भी मिला और विधानसभा का टिकट भी। सीएम शिवराज सिंह और भाजपा के दिग्गज नेताओं से भी अच्छे संबंध हैं।
संगठन में इनकी विदेश यात्राओं की चर्चा अक्सर बनी रहती है।
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