guidelines for covid positive patients
नई दिल्ली। पूरे भारत में कोरोनावायरस की तीसरी लहर का प्रकोप शुरू हो गया है। हर रोज हजारों लोग संक्रमित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
कोरोनावायरस पीड़ित के लिए प्रोटोकॉल 2022- क्या करना है
कोरोना पॉजिटिव के बाद लक्षण नहीं तब भी होम आइसोलेशन में रहना है।
होम आइसोलेशन में भी परिवार वालों से अलग कमरे में रहना है।
ट्रिपल लेयर मास्क लगाना है। परिवार के सदस्यों को भी मास्क लगाना है।
7 दिन में अगर 3 दिनों तक लगातार फीवर नहीं हो रहा है, तो अच्छी बात है।
7 दिन में खुद को निगेटिव मानकर आप सामान्य हो सकते हैं।
7 दिन बाद कोई टेस्ट कराने की जरूरत भी नहीं है।
दूसरों के साथ अपने चीजें शेयर नहीं करें।
अगर उम्र 60 वर्ष से अधिक है और कोई बीमारी है, तो सावधान रहें।
कोई लक्षण है तो ऑक्सीजन लेवल जांचते रहें।
ऑक्सीजन का लेवल गिरता है, ताे डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
टेली मेडिसिन की व्यवस्था की मदद ले सकते हैं।
कोरोनावायरस पॉजिटिव को कब अस्पताल जाना है
लगातार 100 डिग्री से ज्यादा फीवर रहता है।
सांस लेने में दिक्कत आ रही हो।
सीने में लगातार दर्द और दबाव महसूस रहा हो।
दिमागी तौर पर कन्फ्यूजन बन रहा हो।
लगातार थकान और मांसपेशियों में दर्द रहना।
वैक्सीनेशन के कारण स्थिति नियंत्रण में
भोपाल में जीएमसी के टीबी एंड चेस्ट विभाग के प्रोफेसर डॉ. लोकेंद्र दवे ने बताया कि वर्तमान में मरीजों की हालत तो स्टेबल है। जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। चूंकि अधिकांश लोग वैक्सीनेटेड हैं, उनमें हर्ड इम्युनिटी भी डेवलप हो चुकी है। संक्रमित होने के बाद लोग जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। इसके बावजूद लापरवाही नहीं बरतनी है। अलर्ट रहने की जरूरत है। कोई भी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। वर्तमान में करीब 9 से 10% लोगों को ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है।
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/3qZmioi
Social Plugin