इंदौर। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस महेश चंद जैन ने सब इंस्पेक्टर सत्यजीत चौहान को लाइन अटैच करके उनके खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई टीआई संतोष दूधी की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर की गई।
एसआई चौहान पर आरोपियों को जमानत दिलाने केस डायरी में गड़बड़ी का आरोप
एडिशनल डीसीपी जोन-4 राजेश व्यास के मुताबिक मधुकर अग्निहोत्री (केशरबाग रोड़) और अनूप कुमार पाहुजा (पलसीकर कालोनी) की शिकायत पर 11 अक्टूबर को आरोपित हेमलता अग्रवाल, आंचल अग्रवाल, राजाबाबू अग्रवाल, सरोज अग्रवाल और राजकुमारी अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले की इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर सत्यजीत चौहान बनाए गए थे।
इन्वेस्टिगेशन के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ दस्तावेजों की कूट रचना की धारा 467 व 468 बढ़ा दी गई थी लेकिन जब आरोपियों की तरफ से जमानत याचिका दाखिल की गई और कोर्ट द्वारा पुलिस से केस डायरी मांगी गई तब इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर में उसमें कूटरचना की धाराओं का उल्लेख नहीं किया। इसके कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल गई।
टीआई संतोष दूधी आश्चर्यचकित थे कि जिन धाराओं में उम्र कैद का प्रावधान है, उसमें आरोपियों को कोर्ट से इतनी आसानी से जमानत कैसे मिल गई। जब इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर से टीआई ने जवाब मांगा तो उन्होंने रोजनामचा प्रस्तुत कर दिया जिसमें धाराओं का उल्लेख था। टीआई ने जब केस डायरी का अवलोकन किया तब पता चला कि इन्वेस्टिगेशन ऑफिस अपने मामले की गंभीरता को कम करने के लिए केस डायरी में कूट रचना की धाराओं का उल्लेख ही नहीं किया है।
टीआइ ने गोपनीय रिपोर्ट बनाकर डीसीपी को भेज दी। बुधवार दोपहर डीसीपी ने महेशचंद जैन ने एसआइ को लाइन अटैच कर दिया। इंदौर की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया indore news पर क्लिक करें.
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