वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

एक तरफ जहाँ सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध रोकने की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर जनपद में अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना क्षेत्र में कहीं ना कहीं कोई न कोई घटनाएं होती रहती हैं।
ताज़ा मामला कोतवाली पसगवां की पुलिस चौकी महमदपुर ताजपुर चौकी क्षेत्र के मियांपुर गांव का सामने आया है। जहाँ पर एक अनुसूचित जाति के युवक की हत्या कर दी गई है। परिजनों ने बताया बीती रात गांव का एक युवक आया और छोटे को अपने साथ बुला कर ले गया, छोटे अपने साथ पल्सर बाइक, मोबाइल व कुछ पैसे भी लेकर गया था, जब छोटे घर वापस नहीं आया तो परिजन छोटे को तलाश करने लगे उसी दौरान परिजनों को कसरावल रोड पर छोटे का शव पड़ा होने और पास में ही बाइक खड़ी होने की जानकारी मिली। घटना स्थल पर पहुंचकर परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. मौके पर पुलिस ने पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। परिजनों ने बताया कि उनकी गांव के ही रूस्तम, धर्मवीर, गुड्डू व प्रताप से रंजिश चल रही थी और कई बार यह लोग छोटे को मारपीट करके जान से मारने की धमकी भी दी चुके थे और आखिर दबंगों ने घटना को अंजाम दे ही डाला। मृतक छोटे मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. मृतक के पत्नी व चार बच्चे हैं जिसमें मोहित 15, नीरज 9, रोहित 3 व सबसे छोटा पुत्र सोहित 1 वर्ष का है।
परिजन जब तहरीर देने महमदपुर ताजपुर चौकी गये तो महमदपुर ताजपुर चौकी प्रभारी अनेक पाल सिंह ने तहरीर लेेने से मना कर दिया और पीड़ित परिजनों को चौकी से भगा दिया. उसके पश्चात परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों को फोन पर सूचना देनी चाही लेकिन नहीं किसी अधिकारी के फोन नहीं उठे। सीओ मोहम्मदी से बात करने की कोशिश की तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ जिससे परिजनों में भारी रोष है। महमदपुर ताजपुर पुलिस चौकी प्रभारी अनेक पाल सिंह हमेशा तानाशाही वालेे रवैये के चलते अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इन परिस्थितियों में आखिर गरीबों को न्याय कैसे और कब मिलेगा? योगी जी के आदेशों को पसगवां पुलिस नहीं मानती है।
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