दमयंती कटरे को मिली कानून में पीएचडी की उपाधि

मो. मुजम्मिल, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

शासकीय विधि महाविद्यालय छिंदवाड़ा में पदस्थ सहायक अध्यापक दमयंती कटरे को कानून में पीएचडी उपाधि प्रदान की गई है. ज्ञात हो कि दमयंती कटरे जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा के संबंध में कानून विषय में पीएचडी करने वाली मध्य प्रदेश में पहली शोधार्थी बन गई हैं.
डॉ दमयंती कटरे ने शिक्षण कार्य के क्षेत्र में अपनी शुरुआत शंकर शाह पटेल कला वाणिज्य एवं विधि महाविद्यालय वारासिवनी से प्रारंभ की. वर्तमान में वे विगत 5 वर्षों से शासकीय विधि महाविद्यालय छिंदवाड़ा में बतौर सहायक प्राध्यापक के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं. डॉ दमयंती कटरे ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से “मध्यप्रदेश में जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा विधियों का समालोचनात्मक अध्ययन” विषय पर अपना शोध कार्य शोध निर्देशक डॉ. विश्वास चौहान (सहायक प्राध्यापक एवं सदस्य मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग भोपाल) के कुशल निर्देशन में शोध केंद्र शासकीय राज्य स्तरीय विधि महाविद्यालय भोपाल से पूर्ण किया।
डॉ दमयंती मनोज कटरे चित्रकूट कांप्लेक्स निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय श्री जे.एस. कटरे की पुत्रवधू हैं जिनकी प्रेरणा के फलस्वरूप ही इन्होंने इस क्षेत्र में पीएचडी कार्य पूर्ण किया. डॉ दमयंती कटरे ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय ईश्वर की असीम कृपा दृष्टि के साथ निदेशक डॉ विश्वास चौहान, डॉ राजेंद्र मिश्रा, डॉ तृप्ति मिश्रा, डॉ विनीता रामा, डॉक्टर टीक मणि पटवारी, डॉ सीमा सूर्यवंशी (शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय छिंदवाड़ा), प्रोफेसर राकेश चौरासे (शासकीय विधि महाविद्यालय, सिवनी), डॉ बीके अकोदिया (प्राचार्य) एवं प्राध्यापकगण (शासकीय विधि महाविद्यालय छिंदवाड़ा) परिवार के असीम सहयोग के लिए श्रीमती दुर्गा देवी कटरे (मम्मी), श्री संकोच कटरे (देवर), डॉ विद्या कटरे (देवरानी), तनिष्क कटरे, दिव्यम कटरे (पुत्र) साथ ही मित्र ग्ण, सहयोगी एवं विशेष सहयोग के रूप में श्री आशीश साहू को दिया।



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