भारत में कष्टों के निवारण के लिए एवं अपने इष्ट देव को प्रसन्न रखने के लिए साप्ताहिक व्रत एवं उपवास का विधान है। शास्त्रों में इसे अनिवार्य नहीं बताया गया है लेकिन इसके चमत्कारी परिणामों के कारण भारत के ज्यादातर नागरिक साप्ताहिक व्रत-उपवास करते हैं। इस दिन वह पूजा में विशेष प्रकार की विधियों का उपयोग करते हैं। हम आपको बताते हैं कि यदि इस दौरान आप विशेष प्रकार का तिलक धारण करेंगे तो आपके इष्ट देव शीघ्र ही प्रसन्न हो उठेंगे।
सोमवार को सफेद चंदन का तिलक लगाएं
सप्ताह का पहला दिन सोमवार भगवान शिव को समर्पित है। ज्योतिष के अनुसार सोमवार का स्वामी ग्रह चंद्रमा है। चंद्रमा मन का कारक होता है। जिस प्रकार चंद्रमा पूर्णिमा से अमावस्या तक तीव्र गति से परिवर्तित होता है, मनुष्य का मन भी इसी प्रकार चंचल होता है। इसलिए अपने मन को नियंत्रित बनाए रखने के लिए मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं। यदि आप मोक्ष अथवा आरोग्य के लिए सोमवार को भगवान शिव का व्रत कर रहे हैं तब विभूति या भस्म भी लगा सकते हैं।
मंगलवार को लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाएं
मंगलवार श्री राम भक्त हनुमान का दिन है। ज्योतिष में मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल है। इसका लाल रंग क्षमता एवं शौर्य का प्रतीक है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करते समय मस्तक पर लाल चंदन अथवा चमेली के तेल में सिंदूर का तिलक धारण करेंगे तो आपकी ऊर्जा एवं कार्य क्षमता में वृद्धि होगी। यह तिलक मनुष्यों को डिप्रेशन और दुख से मुक्ति दिलाता है।
बुधवार को सूखे सिंदूर का तिलक लगाएं
बुधवार का दिन मां दुर्गा को समर्पित है। माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र होने के कारण यह दिन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को भी समर्पित है। इस दिन यदि मस्तक पर सूखे सिंदूर (जिसमें किसी भी प्रकार का तरल पदार्थ ना मिलाया गया हो) तिलक धारण करेंगे तो व्रत एवं उपवास करने वाले साधक की बौद्धिक क्षमता में तेजी से वृद्धि होगी और पूरा दिन शुभ रहेगा।
गुरुवार सफेद चंदन में केसर मिलाकर पूरे माथे पर लेप लगाएं
गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति ऋषि को समर्पित है। ज्योतिष में इस दिन का स्वामी बृहस्पति ग्रह है। यह भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करता है। भगवान विष्णु को पीला एवं बृहस्पति देव को पीला और सफेद मिश्रित रंग प्रिय है। इसलिए इस दिन सफेद चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर लेप बनाएं और उसमें केसर मिलाकर पूरे मस्तक पर वह ले लगा लें। हल्दी या गोरोचन का तिलक भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से बृहस्पति देव और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। मन में सकारात्मक विचार आते हैं। समस्याओं का हल मिल जाता है। भंडार पड़ जाते हैं। धनधान्य की कमी नहीं होती।
शुक्रवार को लाल चंदन अथवा सिंदूर का तिलक लगाएं
शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। ज्योतिष में इस दिन के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। यह दिन गुरु शुक्राचार्य के लिए भी समर्पित है। माथे पर लाल चंदन अथवा सिंदूर का तिलक लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है। जीवन आनंद से भर जाता है।
शनिवार विभूत, भस्म या लाल चंदन का तिलक लगाएं
शनिवार का दिन भैरव और यमराज को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार का स्वामी ग्रह शनि देव है। शनिवार के दिन विभूत, भस्म या लाल चंदन लगाना चाहिए जिससे भैरव महाराज प्रसन्न रहते हैं और किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होने देते। दिन शुभ रहता है।
रविवार को लाल चंदन या हरि चंदन का तिलक लगाएं
रविवार का दिन सृष्टि के संचालक भगवान श्री हरि विष्णु का दिन है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण इस दिवस का स्वामी है। इसीलिए भक्तगण सूर्य देव को सूर्यनारायण क्या कर भी पुकारते हैं। इस दिन लाल चंदन या हरि चंदन लगाएं। भगवान विष्णु की कृपा रहने से जहां मान-सम्मान बढ़ता है वहीं निर्भयता आती है।
माथे पर तिलक लगाने का मन्त्र
केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम ।
पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु ।।
कान्ति लक्ष्मीं धृतिं सौख्यं सौभाग्यमतुलं बलम् ।
ददातु चन्दनं नित्यं सततं धारयाम्यहम्
from Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh) https://ift.tt/3y8xBwt

Social Plugin