लियाक़त शाह, मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

बड़े-बड़े लोग अपने नाम का सहारा लेकर सरकार और कानून की आंख में धूल झोंकने का कार्य कर रहे हैं. इसके पहले भी नामी-गिरामी हस्तियां कई तरीके के स्कैंडल में फंस चुके हैं लेकिन कानून उनके लिए मजाक है कभी भी उन पर कार्रवाई संभव नहीं हो पाती। पॉर्न फिल्मों के कारोबारी राज कुंद्रा की गिरफ्तारी के बाद सनातन सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह ने उक्त बातें कही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आखिर व्यवस्था की मजबूरी क्या है यह आम जनता आज तक नहीं समझ पाई और ना आगे समझ पाएगी। यह दो नंबर के धंधे को अंजाम देते हुए समाज को दूषित कर जहर फैला रहे हैं जैसे ड्रग सप्लाई करना, पोर्न फिल्म का निर्माण और नए नए कलाकारों का शारीरिक शोषण कई अन्य उदाहरण है लेकिन अंधी गूंगी बहरी सरकार इनके नाम के पीछे तलवा चाट रही है क्योंकि बड़े नाम में शुमार हैं जबकि इनको सलाखों के पीछे होना चाहिए। वैसे तो कई और मगरमच्छ फिल्मी दुनिया में अपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। ऑल्ट बालाजी और उल्लू एप पर अश्लीलता परोसने वाली एकता कपूर और विभु अग्रवाल पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार करना चाहिए।
सुरजीत सिंह कहते हैं कि एक रईसजादे नामी-गिरामी हीरोइन के पति और बिजनेसमैन की कहानी जो पोर्न फिल्मों के कारोबार को लेकर राज कुंद्रा की सोमवार को हुई गिरफ्तारी मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में शुरू हुए ‘ऑपरेशन क्लीन’ का पहला बड़ा संदेश है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास हाल के दिनों में लगातार इस बात की शिकायतें पहुंचती रही हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में धीरे धीरे एक नए तरह का माफिया पांव पसार रहा है। ये माफिया भले दुबई से संचालित न होता हो लेकिन इसके तौर तरीके ठीक वैसे ही होते जा रहे हैं जैसे कभी दाऊद इब्राहिम की सक्रियता के दिनों में होते थे। फिल्म निर्माताओं को धमकियां देकर शूटिंग रुकवा देना। फिल्म निर्देशकों को उनकी फिल्में बंद करा देने की धमकी देना या फिर किसी तकनीकी टीम के प्रभारी को मजदूरों की आपूर्ति न होने देना। मुंबई आने वाले नए कलाकारों का शारीरिक शोषण भी इसी माफिया की गतिविधियों में शामिल रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनाती के समय ही आईपीएस हेमंत नागराले को इसकी सफाई करने का जो हुक्म सुनाया था उसका असर अब दिखने लगा है।
from New India Times https://ift.tt/2V34rAt
Social Plugin