ग्वालियर। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले 12 दिनों में कोरोनावायरस से 13 लोगों की मृत्यु बताई है लेकिन श्मशान घाट के आंकड़े बताते हैं कि प्रोटोकॉल के तहत एक भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ। पत्रकार श्री रामेंद्र परिहार ने छानबीन की तो पता चला कि सब का अंतिम संस्कार उनकी मृत्यु की दिनांक से लगभग 1 महीने पहले ही हो चुका है।
पत्रकार श्री रामेंद्र परिहार की रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर के आमखो निवासी रामप्यारी बाई की मृत्यु 21 मई 2021 को हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था। परंतु चिकित्सा विभाग के सरकारी रिकॉर्ड में 23 जून 2021 को उनकी मृत्यु दर्ज की गई है।
ग्वालियर में 12 दिन में 13 मौतें लेकिन अंतिम संस्कार एक भी नहीं
ग्वालियर में कोविड मौत का गड़बड़झाला अभी भी जारी है। अप्रैल-मई में कोविड से हुई मौतों को अब प्रशासन ठिकाने लगा रहा है। यही कारण है कि बीते 12 दिन में कोविड से 13 मौत होना प्रशासन ने अपने हेल्थ बुलेटिन में दिखाया है, लेकिन इन 12 दिन में एक भी अंतिम संस्कार कोविड गाइडलाइन से शहर के किसी भी मुक्ति धाम में नहीं हुआ है। अब सवाल तो खड़ा होता है कि आखिरकार यह मौतें किसकी हो रही हैं। इस बात पर अब कोई अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
पिछले 15 दिन से कोरोना मरीज का एक भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ
आंकड़ों की बाजीगरी में शायद विद्वान अधिकारी भूल गए कि उनके आंकड़ों को क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। पत्रकार श्री परिहार ने लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि पिछले 15 दिनों से कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत एक भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है।
नगर निगम से भी गड़बड़ की पुष्टि हो गई
नगर निगम के उपायुक्त व कोविड डेथ वालों के प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार कराने के नोडल ऑफिसर अतिबल सिंह यादव का कहना है कि अभी सुपर स्पेशियलिटी से कोई शव नहीं मिल रहे हैं। कुछ दिन से प्रोटोकॉल से हमने कोई अंतिम संस्कार नहीं करवाए हैं।
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