जबलपुर। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ अध्यापक प्रकोष्ठ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विगत दस वर्षों से ई-सेवापुस्तिका बनाने व अपडेट करने के अनेकों आदेश समय-समय पर प्रसारित करने के बाद भी शिक्षा विभाग में संकुल प्राचार्य/आहरण संवितरण अधिकारी की तानाशाही व हठधर्मिता के चलते लगभग 40 प्रतिशत से कम ही ई-सेवापुस्तिका अपडेट हो पाई हैं।
आज भी हजारों लोक सेवकों की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे – सेवापुस्तिका का प्रथम पेज, नामिनेशन, परिवार की जानकारी, शेक्षणिक योग्यता आदि को पोर्टल पर अपलोड करने का समय संकुल प्राचार्य/आहरण संवितरण अधिकारी को नहीं मिल पाया है। प्राचार्यों द्वारा वरिष्ठ कार्यालयों को समय-समय पर फर्जी अपडेशन के आंकडे दे कर अपना पल्ला झाड लिया जाता है जिसका खामयाजा कर्मचारी व उसके परिवार को कोई गंभीर स्थिति निर्मित होने पर भुगताना पड़ता है।
कर्मचारियों द्वारा प्राचार्यों को आवेदन देने के बाद भी पोर्टल पर अनलॉक का बहना बनाकर टालामटोली की जाती है। शासन द्वारा आदेश जारी कर दण्ड व कार्य पूर्णता की तिथि घोषित न होने के कारण 10 वर्षों में भी ई-सेवापुस्तिका का संधारण पोर्टल पर शतप्रतिशत नहीं हो सका है।
संघ के मुकेश सिंह, आलोक अग्निहोत्री, अजय सिंह ठाकुर, तरूण पंचौली, मनीष चौबे, नितिन अग्रवाल, गगन चौबे, श्यामनारायण तिवारी, प्रणव साहू, राकेश उपाध्याय, मनोज सेन, सुदेश पाण्डेय, विनय नामदेव, देवदत्त शुक्ला, सोनल दुबे, विजय कोष्टी, अब्दुल्ला चिस्ती, पवन ताम्रकार, संजय श्रीवास्तव, आदित्य दीक्षित, संतोष कावेरिया, जय प्रकाश गुप्ता, आनंद रैकवार, अभिषेक मिश्रा, संतोष तिवारी आदि ने प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा व आयुक्त, लोक शिक्षण भोपाल को ई-मेल भेजकर ई-सेवापुस्तिका का संधारण न करने वाले दोषी प्राचार्यों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग ही है।
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