अशफाक कायमखानी, नागौर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

परिवहन विभाग मे जारी भ्रष्टाचार के मामले अक्सर अखबारत की सुर्खियां बनते रहते हैं एवं कभी कभार एसीबी द्वारा इस विभाग में जारी भ्रष्टाचार को उजागर करते रहने के बावजूद भ्रष्टाचारियों में खौफ नहीं होने के कारण अधीकारी कर्मचारी रिश्वत का खेल खेलने से बाज नहीं आ रहे हैं।
ताजा मामला नागौर परिवहन विभिन्न के इंस्पेक्टर द्वारा ट्रक के चालक से रिश्वत लेते हुये का विडीयों सोशल मिडिया पर जारे होने के बाद मचे घमासान का है।
नागौर आरटीओ सब इंस्पेक्टर रामनारायण भादू का है मामला है।

सुजानगढ़ से नागौर जाते समय नागौर शहर से 20Km पहले रोड़ पर वसूली करते हुए पीड़ित ट्रक ड्राइवर बाड़मेर निवासी देवेंद्र से रिश्वत लेते हुये अधिकारियों का वीडियो बनाने की खबर जब आरटीओ कर्मचारियों को पता लगा तो उन्होंने ट्रक के पीछे गाड़ी दौड़ाकर आगे आकर गाड़ी ट्रक के आगे लगा दी और फिर दोबारा चालक से कागज मांगे जब ड्राइवर ने कागज दे दिए तो आरटीओ खुद गाड़ी से नीचे उतर कर युवक ड्राइवर का मोबाइल छीनने के लिए पीछे भागे लेकिन ड्राइवर ने हिम्मत दिखाते हुए अपना ट्रक छोड़कर खेत में भाग गया लेकिन 8-10 आरटीओ कर्मचारियों ने ट्रक ड्राइवर का पीछा किया और आखिर में उसे पकड़ कर उसे पीटा, मारा, बंधक बनाकर उसका वीडियो मोबाइल से डिलीट कर दिया लेकिन चालक युवक फेसबुक पर भी लाइव था तो वहां से फेसबुक से वापस रीसाइकिल बीन में युवक ने उस वीडियो को एक्सपर्ट से वापस डाउनलोड कर लिया जिससे काली करतूत आरटीओ की रिश्वत लेते हुए सामने आ गई।
चालक ने उक्त वीडियो को अपने नजदीकी एक युवा नेता को भेजने के बाद मामले को रफा दफा करने के लिए युवा नेता “पीएस कलवानियां” से सब इंस्पेक्टर राम नारायण भादू ने बात की ऑडियो में भी सब इंस्पेक्टर भादू ट्रक ड्राइवर से मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट करना स्वीकार कर रहा है और पैसे लेना भी स्वीकार कर रहा है।
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