जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में लॉकडाउन में आठ महीने से लग रहे घाटे और आर्थिक स्थित डांवाडोल होने की वजह से 45 वर्षीय आलू-प्याज के थोक व्यापारी ने सुसाइड कर लिया। पत्नी व बच्चों को कमरे में सोता छोड़ वह पंखे के हुक से झूल गया। परिजन उसे फंदे से उतारकर विक्टोरिया अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
ओमती पुलिस के मुताबिक नया मोहल्ला निवासी इमरान अली (45) परिवार का इकलौता कमाने वाला था। पत्नी मोना सहित दो बच्चे 11 वर्षीय बेटा अरमान और 8 वर्षीय बेटी अरीबा की जिम्मेदारी उसी पर थी। कृषि उपज मंडी में व आलू-प्याज की दुकान थी। इमरान को व्यापारी में पिछले आठ महीने से घाट लग रहा था। लॉकडाउन के चलते उसे लागत निकालने में मुश्किल आ रही थी। बीमार मां और परिवार की जिम्मेदारियों उठाने में वह कई लोगों का कर्ज भी हो गया था। आर्थिक हालात से परेशान होकर उसने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।
इमरान पत्नी व बच्चों के साथ शनिवार को खाना खाया और फिर कमरे में सोने चला गया। उसी कमरे में पत्नी मोना और दोनों बच्चे अरमान व अरीबा भी सो रही थीं। रात तीन बजे के लगभग मोना की नींद टूटी तो पति को पंखे के हुक में रस्सी के फंदे से लटका पाया। चीख सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़कर मदद को पहुंचे। इमरान को फंदे से उतारकर विक्टोरिया अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सुसाइड की खबर मिलते ही एसआई अमर सिंह मौके पर पहुंचे। शव को पीएम के लिए भिजवाया। रविवार को मौके पर एफएसएल की टीम पहुंची। टीम ने पूरे कमरे की जांच की और परिजनों के बयान दर्ज किए। इमरान के चचेरे भाई शमशेर ने बताया कि पूरे परिवार में वह इकलौते कमाने वाले थे, लेकिन आर्थिक हालात से परेशान चल रहे थे। ओमती पुलिस के मुताबिक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के कथन के आधार पर मर्ग जांच होगी।
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