साबिर खान, मथुरा/लखनऊ (यूपी), NIT:

सामाजिक कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठन भारत सेवा न्यास के अध्यक्ष मानवेन्द्र पाण्डव ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का मुकाबला करने में भी सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। सरकार अगर पहले से ही दूसरी लहर की तैयारी करती तो इतने बड़े पैमाने पर लोगों को जान नहीं गंवाना पड़ता। उन्होंने कहा कि कोरोना टेस्टिंग और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में गांवों में बड़े पैमाने पर कोरोना से मौतें हो रही हैं। जिनमें से ज्यादातर तो सरकार के रिकार्ड में भी दर्ज नहीं हो रही हैं। कोरोना रोगियों के सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में रात-दिन का अंतर है। मानवेन्द्र पाण्डव ने मांग करी कि सरकार एक पल भी देरी किये बिना ग्रामीण अंचल में कोरोना रोगियों की जांच, इलाज, दवाईयों का प्रबंध कराए। प्रशासन ज्यादा संक्रमण वाले गांवों को चिन्हित कर उनमें डाक्टरों की टीम भेजकर व्यापक स्तर पर टेस्टिंग कराए ताकि समय पर कोरोना रोगी की पहचान हो सके और उन्हें उचित उपचार मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि गांव-गांव में विशेष कैंप लगाकर तेज गति से टीकाकरण कराया जाए ताकि लोगों की जान बच सके।
पाण्डव ने कहा कि अभी कोरोना की दूसरी लहर चल रही है और महामारी विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर आने की भी आशंका जताई है। सरकार को वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की तीसरी लहर की चेतावनी को गंभीरता से लेकर उसका सामना करने के लिये अभी से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कोरी बयानबाजियों से काम नहीं चलेगा। गांवों में हालात भयंकर हैं, लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में जरुरी है कि सरकार ग्रामीणों को कोरोना के शिकंजे से बचाने के लिये गांवों में अस्थायी अस्पतालों का प्रबंध करे.
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