ACR गुरुवार दोपहर उस वक्त सार्वजनिक हुई जब DIG ने संबंधित CSP के माध्यम से TI विनोद दीक्षित, तहजीब काजी, संजय शर्मा, राजेंद्र चतुर्वेदी को संसूचित के लिए भेजी। प्रस्तुतकर्ता (SP) ने दीक्षित को क प्लस यानि उत्कृष्ट बताया था, लेकिन एडीजी ने ग्रेड घटाते हुए ग यानि सामान्य कर दी और साथ में प्रतिकूल (टिप्पणी) भी लिख दी। इसी तरह राजेंद्र चतुर्वेदी को घ यानि घटिया बताया है। तहजीब काजी और संजय शर्मा, एसआइ महेश तिवारी सहित दो ASI की ACR, प्रतिकूल की है, जिसमें उनके आचरण को लेकर टिप्पणी की गई है। सूत्रों के मुताबिक एडीजी ने रीडर और डीएसपी, डीआइजी की एसीआर में टिप्पणी लिखी है।
डीजीपी को अभ्यावेदन करें टीआइ, कोर्ट की तैयारी
वैसे तो ACR जोन के IG लिखते है, लेकिन कपूर IG के स्थान पर पदस्थ थे। लिहाजा उनकी टिप्पणी को DGP स्तर के अफसर ही समाप्त कर सकते है। इसके लिए TI को पुलिस मुख्यालय में अभ्यावेदन करना होगा। गुरुवार को TI को CSP ने टिप्पणी की प्रति देकर प्राप्ति ले ली। नाराज अफसरों ने एडीजी द्वारा लिखी एसीआर पर सवाल भी उठाए है। कुछ अफसर ऐसे भी है जो कपूर के तबादले के बाद पदस्थ हुए थे। कायदे से उनकी एसीआर तत्कालीन एडीजी मिलिंद कानस्कर द्वारा लिखना थी।
ग्रेड का मतलब: क यानि अच्छा और घ का मतलब घटिया
क प्लस उत्कृष्ट
क बहुत अच्छा
ख अच्छा
ग सामान्य
घ घटिया
पदोन्नति में रोड़ा बनेगी एडीजी की टिप्पणी
एमआइजी थाना प्रभारी विनोद दीक्षित, राजेंद्र चतुर्वेदी और संजय शर्मा डीएसपी बनने के इंतजार में है। ऐसे में एडीजी द्वारा की गई टिप्पणी उनकी पदोन्नति की राह में रोड़ा भी बन सकती है। टीआइ को इसके लिए पुलिस मुख्यालय में अपिल करना पड़ेगी। मुख्यालय दोबारा एडीजी को बताएगा। यहां से राहत न मिलने पर कोर्ट का रुख करना होगा।
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