भोपाल। किसी भी योजना या व्यवस्था को बंद करने पर जनता विरोध करती है इसलिए सरकार और अधिकारियों ने नए तरीके अपनाना शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लोन स्वीकृत करना बंद कर दिया था इसी प्रकार भोपाल के रेलवे स्टेशन पर आम आदमी का प्रवेश प्रतिबंधित करने के लिए प्लेटफार्म टिकट ₹50 कर दिया है। अब कोई गरीब व्यक्ति अपने वृद्ध माता-पिता को ट्रेन की बोगी के भीतर बिठाने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।
बीमार और बुजुर्ग यात्रियों को बोगी में कौन चढ़ाएगा, कम से कम एक अटेंडेड की छूट तो देते
रेलवे के अधिकारी आजकल रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट और ट्रेन को फ्लाइट समझने लगे हैं। हवाई अच्छी तरह ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम के बाद अब प्लेटफार्म पर केवल यात्रियों का प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए कई तरह की रणनीति अपनाई जा रही है। नियम सिर्फ वृद्ध यात्री के साथ अटेंडर को प्लेटफार्म पर भेजने का भी बनाया जा सकता था परंतु कोरोनावायरस के नाम पर प्लेटफार्म टिकट ₹50 का कर दिया गया है। भोपाल के हबीबगंज और भोपाल जंक्शन दोनों रेलवे स्टेशन के अलावा लगभग सभी रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ा दिए गए। कुछ रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफार्म टिकट के दाम ₹20 निर्धारित किए गए हैं।
मजबूरी का फायदा जबलपुर मंडल में भी उठाया जाएगा
सागर, दमोह सहित जबलपुर मंडल के सभी 11 रेलवे स्टेशनों पर 50 रुपए का ही प्लेटफॉर्म टिकट मिलेगा। मंडल प्रबंधक विश्वरंजन ने बताया बुधवार रात से यह सेवा जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मदनमहल, मुडवारा, नरसिंहपुर, पिपरिया, रीवा सहित 11 स्टेशनों पर शुरू कर दी गई है।
दाम नहीं बढ़ाते तो क्या करते
यदि कोरोनावायरस के कारण प्लेटफार्म पर भीड़ कम करनी थी तो बैरिकेडिंग सबसे अच्छा विकल्प होता है। इसके अलावा सिर्फ इतना करना था कि 'बड़े-बड़े अक्षरों में यह सूचना सभी को दिखाई देती कि प्लेटफार्म पर सिर्फ बीमार और बुजुर्ग यात्रियों के अटेंडर उपस्थित रह सकते हैं, शेष को ₹1000 जुर्माना अदा करना होगा। भीड़ अपने आप कम हो जाती है। स्टाफ कम था तो स्वयंसेवी संस्थाओं कोई मदद ले सकते थे। चलिए प्लेटफार्म टिकट के दाम बढ़ाने थे तो बढ़ा देती लेकिन बुजुर्ग, विकलांग और मरीजों का तो ध्यान रखते।
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